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Most Polluted City : प्रदूषण के मामले में दिल्ली ने दोबारा किया टॉप, फिर बनी दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी

सालाना 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की पीएम 2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 19, 2024 | 11:26 AM IST

Delhi Air Quality : दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी शहर की लिस्ट में देश की कैपिटल सिटी दिल्ली ने एक बार फिर टॉप किया है। यह लगातार चौथी बार है जब प्रदूषण का ताज फिर से दिल्ली के सर पर सजा है। हालांकि, बिहार भी बहुत पीछे नहीं है और राज्य का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगर क्षेत्र बन गया है।

केवल इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली ने सबसे खराब वायु क्वालिटी वाले राजधानी शहर के रूप में बाजी मारी है और यह लिस्ट में प्रथम स्थान पर है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

134 देशों की लिस्ट में भारत तीसरे नंबर पर

स्विट्जरलैंड के संगठन ‘आईक्यूएयर’ की वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2023 के अनुसार, एवरेज सालाना 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की पीएम 2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा। उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे।

भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर’ कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले रेस्पिरेटरी सिस्टम तक पहुंच जाते हैं।

बेगूसराय वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर

बेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था।

दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर

दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है। पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं।

First Published : March 19, 2024 | 10:30 AM IST