17 सितंबर को नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जारी की जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में उत्पादों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए उस पॉलिसी को जारी करेंगे। बता दें, सरकार ने वर्ष 2020 के बजट में नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को लाने की घोषणा की थी।
मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, “इस पॉलिसी में प्रक्रियागत इंजीनियरिंग, डिजिटलीकरण और बहु-साधन परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान दिए जाने की संभावना है। यह कदम इस लिहाज से अहम है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में घरेलू उत्पादों को प्रतिस्पर्द्धी बनाने में ऊंची लॉजिस्टिक लागत प्रतिकूल असर डालती है।”
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकार देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लॉजिस्टिक लागत को 13-14% के मौजूदा अनुपात से नीचे लगाने पर जोर देती रही है। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 भागीदार सरकारी एजेंसियां और 37 निर्यात प्रोत्साहन परिषदें भी शामिल हैं।
देश भर में लॉजिस्टिक कारोबार का आकार करीब 160 अरब डॉलर है। देश भर में इसके 10 हजार से अधिक उत्पाद हैं। मंत्रालय ने कहा नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी आने से इस क्षेत्र की हालत बेहतर होगी और अप्रत्यक्ष लॉजिस्टिक लागत में 10% की कमी आएगी। इससे देश के निर्यात में बी 5 से 8% की बढ़ोतरी होगी।