बाढ़ की भयावहता और सरकारी इंतजामों में लापरवाही की गाज मायावती सरकार के चहेते अफसरों पर गिरी। अपने भारी-भरकम सचिवालय से मायावती ने अपने दो चहेते अफसरों को चलता कर दिया है।
इसके साथ ही दो पुराने विश्वस्त अफसरों को बाढ़ से घिरे क्षेत्रों की जिममेदारी सौंपकर उनसे हर दिन की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारियों से कहा है कि बाढ़ पीड़ितों की मदद में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बस्ती के मंडलायुक्त को निलंबित किया गया है, तो पड़ोसी जिले संत कबीर नगर के जिलाधिकारी को पद से हटा दिया गया है। शारदा नदी का पानी 62 गांवों सें घुस जाने के बाद सही ढंग से राहत कार्यों की देखरेख नहीं करने वाले लखीमपुर के जिलाधिकारी को भी पद से हटा दिया है।
इससे पहले बाढ़ इलाके के दौरा के दौरान हेलीकॉप्टर की समय पर व्यवस्था न कर पाने की वजह से मायावती ने प्रमुख सचिव शैलेश कृष्ण को हटा दिया था। साथ ही प्रमुख सचिव वीएन गर्ग को मायावती के सचिवालय से हटाकर औद्योगिक विकास विभाग में भेज दिया गया है। गर्ग से ऊर्जा विभाग भी ले लिया गया है।
दरअसल, मायावती जब बाढ़ग्रस्त इलाकों में क्षति का आंकलन करने के लिए संत कबीर नगर उतरीं तो उन्हें लाइट की व्यवस्था न होने के चलते कुछ खास दिखा ही नहीं। इससे खफा मायावती ने वहां के जिलाधिकारी टीपी पाठक को हटा दिया। उत्तर प्रदेश में पूर्वी इलाकों के सारे जिले बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं।
बुधवार को समीक्षा बैठक के दौरान मायावती ने अफसरों से कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से रोका जाए। उधर, प्रदेश के व्यापारी वर्ग ने भी खुदरा व्यापारी साथियों से दाम पर लगाम लगाने की बात कही है। दूसरी ओर, बाढ़ के चलते सब्जियों के दाम आसमान को छू रहे हैं।
आलू जहां आढ़तियों ने किसानों से 2-3 रुपये की दर पर खरीद की है, वहीं बाजारों में यह 8 रुपये किलो बिक रहा है। प्याज की कीमत भी खासी चढ़ गई है। खुदरा बाजार में 12 रुपये किलो की दर से प्याज बिक रहा है। बाकी सब्जियों के दामों में भी तेजी है।
शारदा नदी का पानी उत्तर प्रदेश के 62 गांवों में घुसा
प्रमुख सचिव सहित बस्ती के मंडलायुक्त और संत कबीर नगर और लखीमपुर के जिलाधिकारी नपे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रोजाना प्रगति रिपोर्ट देने का सुनाया फ रमान
जरूरी वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण रखने की अपील