‘मुनाफा तो ठीक मगर राष्ट्रहित न भूलें’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 7:02 AM IST

रैनबैक्सी-दायची डील भले ही दुनियाभर के अखबारों की सुर्खियां बनी हो, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी इससे खुश नहीं हैं।


शनिवार रात मुंबई में आयोजित बिजनेस स्टैंडर्ड अवार्ड समारोह के बाद आडवाणी ने कहा कि रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में जानी-मानी कंपनी का अस्तित्व विदेशी हाथों में सौंपना भारतीय कंपनियों के लिए चिंता की बात है।

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार आडवाणी ने  रैनबैक्सी का नाम लिए बगैर कहा कि अधिग्रहण और विलय वैश्विक नजरिया है, लेकिन भारतीय कंपनियों को इससे सचेत रहना होगा। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और लाभ के लिए उठाए गए कदम के वे विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसमें इसका भी ख्याल रखना चाहिए कि इस कदम से राष्ट्रहित प्रभावित न हो।

इसके साथ ही भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय कंपनियों को चाहिए कि वह फर्मास्युटिकल समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में एकाधिकार स्थापित करने की कोशिशों का विरोध करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस डील के बाद भारत के गरीब लोगों पर क्या असर पड़ेगा, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए, संभव है कि विदेशी कंपनी वाजिब कीमत पर दवा न उपलब्ध करा पाए।

आडवाणी ने कहा कि सरकार कृषि और किसानों के विकास पर ध्यान नहीं दे रही है। भाजपा नेता ने कहा कि वे मैनेजमेंट थिंकर सी. के. प्रह्लाद की इस बात से सहमत हैं कि भारतीय उद्योग जगत को नीचे के तबके का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता यूपीए सरकार पर टिप्पणी करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि परमाणु करार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की स्थिति डांवाडोल नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्री से अपेक्षा कर रही है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएं, लेकिन प्रधानमंत्री कहते हैं कि ‘मैं कोई डॉक्टर नहीं हूं।’ उन्होंने मनमोहन सिंह पर चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार को इस स्थिति में पहुंचाने के लिए वही जिम्मेदार हैं। आने वाली सरकार के समक्ष क्या-क्या चुनौतियां होंगी, उसके बारे में आडवाणी ने कहा कि महंगाई, अर्थिक विकास, आंतरिक सुरक्षा और ऊर्जा की सुरक्षा अहम मुद्दे होंगे।

उनकी पार्टी की आर्थिक मोर्चे पर क्या रणनीति रहेगी, इसके बारे में उन्होंने संकेत भी दिए। उन्होंने बताया कि हमारा मकसद कृषि का विकास करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और शहरों के विकास पर ध्यान देना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि हम विकास के लिए बाहरी देशों के मॉडल को अपनाने की बजाए भारतीय मॉडल को अपनाएंगे।

इससे पहले, बिजनेस स्टैंडर्ड अवार्ड समारोह में सीईओ ऑफ द ईयर के सम्मान से सन फर्मा के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी को नवाजा गया। पुरस्कार लेते समय सांघवी ने कहा कि इसके वास्तविक हकदार हमारी आरएंडडी टीम है, क्योंकि उसी की बदौलत कंपनी कम कीमत पर बेहतर दवाइयां उपलब्ध कराने में सक्षम हो पाई है। बैंकर ऑफ द इयर अवार्ड पाने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन ओ. पी. भट्ट ने एसबीआई टीम को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया।

मोस्ट इनोवेटिव ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द इयर अवॉर्ड से इंडियन प्रीमियर लीग के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को नवाजा गया। इस सम्मान को प्राप्त करते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी हो रही है कि बीसीसीआई कोई कंपनी नहीं है, फिर भी इस सम्मान के योग्य समझा गया। इक्विटी फंड मैनेजर ऑफ द इयर अवार्ड के हकदार बने फिडेलिटी फंड मैनेजमेंट के संदीप कोठारी। डेट फंड मैनेजर अवार्ड से चार्टर्ड एसेट मैनेजमेंट के संस्थापक और वर्तमान में एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट से जुडे सुयश चौधरी को नवाजा गया।

एनटीपीसी को स्टार पीएसयू ऑफ द इयर के सम्मान से नवाजा गया, वहीं कॉग्निजेंट सॉल्यूशंस को स्टार अनलिस्टेड कंपनी का खिताब मिला, जबकि माइको-बॉश को स्टार एमएनसी अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्राज इंडस्ट्रीज को स्टार एसएमई अवार्ड से नवाजा गया। हुंडई आई 10 को बीएस मोटरिंग कार ऑफ द इयर से सम्मानित किया गया, जबकि बजाज एक्ससीडी 125 डीटीएस-एसआई को बीएस मोटर बाइक ऑफ द इयर सम्मान से नवाजा गया।

First Published : June 23, 2008 | 2:35 AM IST