मांग में आई कमी की वजह से मंदी की मार झेल रहे प्रॉपर्टी डेवलपर्स कीमत बढ़ाने की कवायद में लगे हुए हैं। यह खबर चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन ऐसा करना डेवलपर्स की मजबूरी भी है।
बिल्डर मानते हैं कि पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी की मांग में 25 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन स्टील, सीमेंट और अन्य कच्चे माल की कीमतें पिछले एक साल के दौरान 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं। पार्श्वनाथ ने अपनी विभिन्न परियोजनाओं के तहत बनने वाली प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही 3 से 10 फीसदी बढ़ा दी हैं।
कंपनी के चेयरमैन प्रदीप जैन का कहना है कि जुलाई माह में एक बार फिर कीमतों में इजाफा हो सकता है। शोभा डेवलपर्स ने भी प्रति वर्गफीट 20 से 150 रुपये का इजाफा किया है। इसके अलावा, आकृति सिटी, ओमेक्स, अजमेरा और नीलकंठ ग्रुप भी जल्द ही कीमतों में इजाफा की घोषणा कर सकते हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लागत करीब 20 फीसदी बढ़ गई है, जबकि एक साल के दौरान इसमें 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।
लागत में बढ़ोतरी का कारण स्टील, सीमेंट, मजदूरी आदि की कीमतों में वृध्दि है। नीलकंठ ग्रुप के मुकेश पटेल का कहना है कि बिक्री में गिरावट के बावजूद हमें प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ानी पड़ रही है। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की एक अन्य वजह है- ज्यादातर कंपनियों द्वारा वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लेकर परियोजनाओं में निवेश करना। लेकिन अब उन संस्थाओं ने ब्याज दर बढ़ा दी है, जिससे बिल्डरों को ज्यादा रकम का भुगतान करना पड़ रहा है।
मुंबई स्थित एक डेवलपर ने बताया कि वे चाहकर भी कीमतें कम नहीं कर सकते हैं, क्योंकि कस्टमर को पूरी तरह से तैयार उच्च गुणवत्ता और साज-सज्जा वाले अपार्टमेंट मुहैया कराए जा रहे हैं। ओमैक्स डेवलपर्स के वित्तीय उपाध्यक्ष सुनील मल्होत्रा का कहना है कि भविष्य में कंपनी इंटीरियर पर कम खर्च करने की योजना बना रही है, जिससे लागत कम आए।
मंदी की मार झेल रहे डेवलपर्स ने बढ़ाई 3 से 10 फीसदी कीमत
स्टील, सीमेंट और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत में इजाफा