पराली पर पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा पंजाब: केंद्र

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:31 PM IST

  केंद्र ने बुधवार को कहा कि पराली जलाने की घटनाएं खासकर पंजाब में तेजी से बढ़ने लगी हैं और राज्य सरकार ने खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पराली जलाने के मुद्दे पर एक अंतर-मंत्रालय बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब सरकार राज्य में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए समन्वित कार्रवाई करने में तेजी नहीं दिखा रही है। पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान के अनुसार केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उल्लेख किया कि हरियाणा में पराली प्रबंधन की स्थिति ‘पंजाब की तुलना में काफी बेहतर है।’
बयान में कहा गया, ‘पिछले साल की तुलना में 15 अक्टूबर तक पराली जलाने की घटनाएं कम थीं लेकिन अब यह खासकर पंजाब में तेजी से बढ़ने लगी है।’ मंत्रियों ने उल्लेख किया कि पूसा बायो-डीकंपोजर (जैविक घोल जो 15-20 दिनों में पराली को खाद में बदल जाता है) का पंजाब में कम क्षेत्र में छिड़काव किया जा रहा है और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने और बढ़ाने की जरूरत है। 
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष एम एम कुट्टी ने कहा कि आयोग द्वारा कई बैठकों और प्रयासों के बावजूद पंजाब ने ‘अपर्याप्त’ कदम उठाए हैं। पंजाब के मुख्य सचिव को अमृतसर में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने और पिछले साल की तुलना में राज्य में खेतों में पराली जलाने के मामलों में 50 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। 
बैठक में उल्लेख किया गया कि मुख्य चिंताओं में से एक पंजाब और हरियाणा में पराली प्रबंधन मशीन की आपूर्ति में देरी है। प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के साथ, आसपास के राज्यों में पराली जलाना राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर और नवंबर में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। गेहूं और सब्जियों की खेती से पहले फसल के अवशेषों को जल्दी से हटाने के लिए किसान अपने खेतों में पराली में आग लगाते हैं।
दिल्ली में पटाखे जलाने पर जेल
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में दीवाली पर पटाखे चलाने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपये जुर्माना हो सकता है। राय ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी में पटाखों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी के तहत 5,000 रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष की जेल होगी।
दिल्ली सरकार ने सितंबर में एक आदेश जारी करके अगले साल एक जनवरी तक सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर फिर से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। पिछले दो साल से इस तरह का प्रतिबंध जारी है। राय ने कहा कि 21 अक्टूबर को एक जन-जागरूकता अभियान ‘दीये जलाओ पटाखे नहीं’ शुरू किया जाएगा। दिल्ली सरकार शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 51,000 दीये जलाएगी।
मंत्री ने कहा, ‘दिल्ली में पटाखों की खरीद और इसे चलाने पर भारतीय दंड संहिता के तहत 200 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल होगी।’ राय ने कहा कि प्रतिबंध लागू करने के लिए 408 टीमों का गठन किया गया है। दिल्ली पुलिस ने सहायक पुलिस आयुक्त के तहत 210 टीमों का गठन किया है, जबकि राजस्व विभाग ने 165 और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 33 टीमें गठित की हैं।

First Published : October 19, 2022 | 10:59 PM IST