अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने कहा है कि केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की अच्छा काम कर रही कंपनियों को बढ़ावा देगी और उनका निजीकरण नहीं करेगी।
राहुल गांधी ने मंगलवार को नाल्को स्टेडियम में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) द्वारा आयोजित जनसभा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस तरह की धारणा बन गई है कि निजी क्षेत्र की कंपनियां सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने नाल्को का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने अच्छे प्रदर्शन के साथ साथ निरंतर लाभ भी अर्जित किया है। इस बैठक में काफी गर्मी के बावजूद हजारों की भीड़ मौजूद थी।
जनसभा में राहुल गांधी को इस बात के लिए धन्यवाद दिया जा रहा था कि मार्च में उनके संयंत्र का दौरा करने के बाद कंपनी को नवरत्न का दर्जा दिया गया। हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि नाल्को को अपने प्रदर्शन की वजह से यह दर्जा प्राप्त हुआ है और इसके लिए उन्हें धन्यवाद दिए जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि नाल्को को यह दर्जा बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए, लेकिन प्रणाली में कुछ खामियों के कारण इसमें इतनी देरी हुई है।
उन्होंने कहा कि देश में कुछ राज्य अमीर हैं और कुछ गरीब, लेकिन उड़ीसा का मामला इन दोनों मानकों से अलग है। प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद यहां के लोग गरीब हैं। खासकर आदिवासी और दलित तो विकास की प्रक्रिया में काफी पीछे छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए नाल्को जैसी कंपनियों को आगे आना चाहिए और आम आदमी की आवाज को भी सुना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार औद्योगीकरण को तो बढ़ावा देगी लेकिन आम आदमी से जुड़े मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करेगी। राहुल गांधी का पिछले तीन महीने में नाल्को का यह दूसरा दौरा है। मौके पर राहुल इंटक के प्रतिनिधियों से भी मिले और उनसे ज्ञापन भी हासिल किए। बैठक में इंटक के अध्यक्ष रामचंद्र खूंटिया, केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव अजय माकेन भी उपस्थित थे।