डिजिटल में आगे रहें नियामक : निर्मला

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:26 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज डिजिटलीकरण की भूमिका और साफ सुथरी और पारदर्शी कारोबारी गतिविधियों पर जोर दिया है। बहरहाल उन्होंने कहा कि नियामकों को डिजिटल तरीकों को समझने में सबसे आगे रहना होगा, जिससे कि तकनीक के दुरुपयोग को रोका जा सके।
सीतारमण ने कहा, ‘भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), नैशनल फाइनैंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) व अन्य को यह देखने में आगे रहना होगा कि नियमन में कहां खामियां हैं, कहां इन्हें आसान किए जाने की जरूरत है और किस जगह पर प्रतिरोध व मजबूती दिखाने की जरूरत है।’
कंपनी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाली विभिन्न संस्थाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सीसीआई ने विलय को आसान लेकिन अहम तरीके से नियंत्रित करने में बड़ा योगदान दिया है और ग्राहकों के हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर विलय और अधिग्रहण हो रहे हैं।
सीतारमण ने यह भी कहा कि खुदरा निवेशक शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के दौर में ‘झटकों को कम करने’ का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति की सख्ती के दौर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बिकवाली कर रहे हैं, ऐसे समय में भी खुदरा निवेशकों की यह भूमिका है।
आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में कंपनी मामलों के मंत्रालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा, ‘भारत में खुदरा निवेशकों ने बड़ी भूमिका निभाई है और अब वे झटकों को कम करने का काम कर रहे हैं। अगर एफपीआई और एफआईआई निकलते हैं तो हमारे बाजार बहुत ज्यादा ऊपर नीचे नहीं होते क्योंकि देश में छोटे निवेशक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।’
जिंसों की वैश्विक कीमतों में तेजी, मौद्रिक नीति सख्त करने की योजनाएं, बढ़ा हुआ मूल्यांकन विदेशी निवेशकों को भारत के शेयर बाजार से निकलने को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में आक्रामक बढ़ोतरी और अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल को बढ़ते देखकर भारत की इक्विटी से पिछले महीने 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाले हैं। इसके साथ ही इक्विटी से 2022 में अब तक भारत से शुद्ध निकासी 1.66 लाख करोड़ रुपये रही है। वहीं दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की ओर से मजबूत प्रवाह (म्युचुअल फंडों और सीधे निवेश दोनों ही माध्यमों से) की वजह से बाजार में गिरावट कम हुई और इसने प्रतिरोध का काम किया। छोटे निवेशकों ने इक्विटी में निवेश को लेकर भरोसा कायम रखा, क्योंकि शेयर अपने उच्च स्तर से तेजी से नीचे आए। पिछले 12 महीनों के दौरान घरेलू इक्विटी बाजार में 4.5 लाख करोड़ रुपये खुदरा निवेश आया है।  मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार ने महामारी के दौरान त्वरित कदम उठाए, जिससे अर्थव्यवस्था संबंधी समस्याओं से निपटा जा सके। कार्यक्रम के दौरान वित्तमंत्री ने नैशनल सीएसआर एक्सचेंज पोर्टल की शुरुआत भी की, जो सीएसआरपर डिजिटल पहल है। इससे हिस्सेदारों को स्वैच्छिक रूप से सूची बनाने, खोज, एक दूसरे से संपर्क करने, लगातार काम करने और अपनी सीएसआर परियोजनाओं के प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।
इसी कार्यक्रम में कंपनी मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि मंत्रालय अनुपालन प्रबंधन सहित विभिन्न साधन पेश करने के साथ तकनीक से संचालित प्लेटफॉर्म पेश कर रहा है, जिससे कारोबार सुगमता सुनिश्चित की जा सके।

First Published : June 8, 2022 | 12:52 AM IST