चुनावी बॉन्ड संबंधी याचिकाओं को वृहद पीठ को भेजने पर छह दिसंबर को गौर करेगा उच्चतम न्यायालय

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:44 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह छह दिसंबर को इस पर गौर करेगा कि चुनावी बॉन्ड के जरिये राजनीतिक दलों को चंदा मिलने के प्रावधान वाले कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए वृहद पीठ को भेजा जाए या नहीं। 
अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से मांगा सहयोग 

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्न की पीठ ने यह भी कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है और उसने इस पर अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से सहयोग मांगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि चुनावी बॉन्ड के जरिये चंदा हासिल करने का तौर-तरीका बहुत पारदर्शी है। चुनावी बॉन्ड को राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के प्रयास के तहत नकदी चंदे के विकल्प के तौर पर लाया गया है। 

उच्चतम न्यायालय जनहित याचिकाओं पर कर रही थी सुनवाई 

देश की शीर्ष अदालत ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा कुछ अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। ADR की ओर से पैरवी कर रहे वकील प्रशांत भूषण ने गत पांच अप्रैल को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण के समक्ष इस मामले को रखा था और कहा था कि यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है तथा इस पर तत्काल सुनवाई होनी चाहिए। 

तत्काल सुनवाई की जाए- प्रशांत भूषण

उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी, हालांकि यह मामला किसी अदालत के समक्ष नहीं आया। भूषण ने गत चार अक्टूबर को न्यायालय से आग्रह किया था कि इस मामले पर तत्काल सुनवाई की जाए और केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि मामले के लंबित रहने के दौरान चुनावी बॉन्ड की बिक्री न की जाए। 
 

First Published : October 14, 2022 | 3:01 PM IST