यूपी-बिहार खुशहाल तो पंजाब होने लगा परेशान

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 5:44 AM IST

बिहार और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत तेजी से काम शुरू होने की वजह से अब वहां के श्रमिक पंजाब की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।


इससे पंजाब के धान उत्पादक किसानों के सामने श्रमिकों का संकट खड़ा हो गया है और उन्हें फसल की बुआई में समस्या हो रही है। बिहार और उत्तर प्रदेश के करीब 2 लाख भूमिहीन किसानों में से 40 फीसदी रोजगार की तलाश में धान रोपाई के मौसम में पंजाब की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ और ही है।

पिछले साल की बात करें, तो पंजाब में करीब 10.1 मिलियन टन चावल की पैदावार हुई थी, जो देश की कुल उपज का 11 फीसदी है। रोपड़ जिले के एक किसान ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में श्रमिक की मजदूरी में तकरीबन 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले साल जहां प्रति एकड़ 500-600 रुपये का खर्च आता था, वहीं इस साल यह बढ़ कर 800-900 रुपये प्रति एकड़ पहुंच गया है।

फतेहगढ़ साहिब इलाके में तो प्रति एकड़ 1000 रुपये का खर्च आ रहा है। बिहार के एक श्रमिक महेश यादव ने बताया कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सड़क, डैम आदि निर्माण कार्य होने से वहां के श्रमिक अब पंजाब की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।

अपने राज्य में काम मिलने से पंजाब की ओर बिहार-यूपी के किसान नहीं कर रहे रुख
पंजाब के चावल उत्पादक किसानों को धान की बुआई में हो रही है परेशानी

First Published : June 16, 2008 | 2:18 AM IST