उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भारी भरकम छूट, रियायतों और सुविधाओं के साथ नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति जारी कर दी है। नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करने वालों, वाहनों के चार्जिंग स्टेशन, स्वेपिंग सेंटर स्थापित करने वालों के साथ ही वाहन निर्माताओं को भी खास रियायतें दी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी गई है। इसी के साथ ही मंत्रिपरिषद ने नई दुग्ध नीति व वस्त्र उद्योग नीति को भी मंजूरी दी है।
उत्तर प्रदेश में 4000 करोड़ रुपये से स्टार्ट अप फंड बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इसमें प्रदेश सरकार का योगदान 400 करोड़ रुपये होगा जबकि 3600 करोड़ रुपये बाजार से लिए जाएंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 6654 स्टार्टअप काम कर रहे हैं।
गुरुवार को मंजूर इलेक्ट्रिक वाहन नीति के मुताबिक प्रदेश में 2030 तक सभी 17 नगर निगम सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन ईवी के जरिए ही सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार अन्य शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईवी सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करेगी जिसके लिए 2025 कुछ हरित मार्गों को चिह्नित किया जाएगा।