चयन प्रक्रिया 24 से, हिंसक प्रदर्शन जारी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:11 PM IST

अग्निपथ योजना के तहत वायुसेना द्वारा चयन प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 के लिए अग्निपथ योजना के तहत (सशस्त्र बल में) भर्ती किए जाने वालों की उम्र सीमा बढ़ा कर 23 वर्ष कर दी गई है, जिससे सशस्त्र बल में भर्ती के नए ‘मॉडल’ के तहत युवाओं के एक बड़े हिस्से को शामिल किया जा सकेगा।
इस नई योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्र द्वारा हाल ही में घोषित यह योजना सशस्त्र बलों में चार साल की अल्पकालिक सेवा का प्रावधान करती है, जबकि रंगरूटों में से 25 प्रतिशत को करीब 15 वर्षों की नियमित सेवा के लिए सैन्य बलों में बरकरार रखा जाएगा। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, ‘सरकार सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए हाल में अग्निपथ योजना लाई है। योजना के लिए न्यूनतम उम्र साढ़े 17 वर्ष और अधिकतम उम्र सीमा 21 साल है। मैं यह सूचित करते हुए खुश हूं कि पहली भर्ती के लिए ऊपरी उम्र सीमा बढ़ा कर 23 साल कर दी गई है। ’ उन्होंने कहा, ‘इस बदलाव से युवाओं का एक बड़ा हिस्सा अग्निवीर के रूप में भर्ती हो सकेगा। वायुसेना के लिए चयन प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी।’ सरकार ने गुरुवार रात अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा 2022 के लिए 21 वर्ष से बढ़ा कर 23 वर्ष कर दी। सरकार ने मंगलवार को इस योजना की घोषणा की थी। नई योजना के तहत चार साल के सेवाकाल के दौरान करीब ढाई महीने से छह महीने तक के प्रशिक्षण की अवधि होगी। भाषा

सेना ‘अग्निपथ’ योजना के तहत औपचारिक भर्ती प्रक्रिया दो दिन में शुरू करेगी
सेना, भर्ती के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दो दिनों के भीतर ‘अग्निपथ’ योजना के तहत इसकी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर देगी। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने के बाद, सेना की विभिन्न एजेंसियां और प्रतिष्ठान बाद में भर्ती प्रक्रिया के विवरण जैसे रिक्तियों की संख्या, भर्ती रैलियों का स्थान और परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी देंगे। अधिकारियों ने बताया कि सेना ने ‘अग्निपथ’ योजना के तहत रंगरूटों का प्रशिक्षण दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि सेना ने अगले साल जून तक इस नई योजना के तहत भर्ती रंगरूटों के शुरुआती बैच को अभियानगत और गैर-अभियानगत भूमिकाओं में तैनात करने की योजना बनाई है।
थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना के तहत 2022 के लिए आयु सीमा को 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने का निर्णय उन युवाओं को अवसर प्रदान करेगा, जो सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो साल से कोविड-19 महामारी के कारण ऐसा नहीं कर पाए। जनरल पांडे ने कहा कि सेना में भर्ती के लिए उम्र में एकबारगी छूट देने संबंधी सरकार के फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया की घोषणा जल्द की जाएगी। थल सेना प्रमुख ने आकांक्षी युवाओं से सेना में ‘अग्निवीर’ के रूप में शामिल होने के अवसर का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।
सेना प्रमुख ने एक बयान में कहा कि सेना को भर्ती के लिए उम्र में छूट देने संबंधी सरकार का फैसला मिल गया है और भर्ती प्रक्रिया की घोषणा जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय हमारे उन कई ऊर्जावान और देशभक्त युवाओं को एक अवसर प्रदान करेगा, जो कोविड-19 के बावजूद भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे और यह प्रक्रिया पिछले दो साल में कोविड प्रतिबंधों के कारण पूरी नहीं हो सकी थी।’    भाषा

बढ़ता बवाल,  340 ट्रेन प्रभावित, 200 रद्द
सशस्त्र बलों में भर्ती से संबंधित ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन के कारण अब तक 300 से अधिक ट्रेन प्रभावित हुई हैं जबकि 200 से अधिक रद्द की जा चुकी हैं। रेलवे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रेलवे ने कहा कि प्रदर्शन के कारण 94 मेल व एक्सप्रेस ट्रेन जबकि 140 यात्री ट्रेन रद्द की जा चुकी हैं। वहीं 65 मेल व एक्सप्रेस ट्रेन और 30 यात्री ट्रेन आंशिक रूप से रद्द की गई हैं।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे ने 11 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदल दिया है। अब तक कुल ट्रेन 340 ट्रेन प्रभावित हुई हैं। क्षेत्रीय रेलवे के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) में 164, उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) में 34, उत्तर रेलवे (एनआर) में 13 और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में लगभग तीन ट्रेन रद्द की गईं। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारी अब तक सात ट्रेनों की बोगियों को आग लगा चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने ईसीआर में तीन चलती ट्रेनों के डिब्बों और उसी जोन के कुल्हरिया में एक खाली बोगी को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बलिया में धुलाई के लिए कतार में खड़ी एक ट्रेन की एक बोगी को भी नुकसान पहुंचाया गया है। ईसीआर में अब तक 64 ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया है। दक्षिण रेलवे ने एक बयान में कहा कि आंदोलन और आगजनी को देखते हुए उसके अधिकार क्षेत्र से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंतव्यों की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया जाएगा। इससे पहले, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने युवाओं से रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मैं युवाओं से हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने और रेलवे की संपत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील करता हूं।’
प्रदर्शन का सबसे अधिक प्रभाव पूर्व मध्य रेलवे पर पड़ा है जिसके अंतर्गत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्से आते हैं। इन राज्यों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन देखा गया है। ऐसे में पूर्व मध्य रेलवे ने प्रदर्शन के कारण आठ ट्रेनों के परिचालन की निगरानी करने का फैसला भी किया है। अधिकारियों ने बताया कि वे इन ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं और स्थिति के अनुसार उनके परिचलान के संबंध में निर्णय लेंगे। इन ट्रेनों में 12303 हावड़ा-नयी दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, 12353 हावड़ा-लालकुंआ एक्सप्रेस, 18622 रांची-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, 18182 दानापुर-टाटा एक्सप्रेस, 22387 हावड़ा-धनबाद ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस, 13512 आसनसोल -टाटा एक्सप्रेस, 13032 जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस और 13409 मालदा टाउन-किऊल एक्सप्रेस शामिल हैं।

First Published : June 18, 2022 | 12:55 AM IST