राष्ट्रपति पद के लिए​ विपक्ष से यशवंत

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:06 PM IST

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार चुना। राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को चुनाव होने हैं और परिणाम 21 जुलाई को आएगा। राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार पर फैसला करने के लिए राकांपा प्रमुख शरद पवार द्वारा बुलाई गई बैठक के लिए विपक्षी दलों के नेता संसद भवन परिसर में स्थित संसदीय सौध में एकत्र हुए और बैठक में सिन्हा के नाम पर सर्वसम्मति बनी। वरिष्ठ नेता सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी है और वह 27 जून को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। सिन्हा पहले भारतीय जनता पार्टी में थे।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक के बाद एक संयुक्त बयान पढ़ते हुए कहा, ‘हमें खेद है कि मोदी सरकार ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।’ उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार बनाए की पहल सरकार द्वारा की जानी चाहिए थी। रमेश ने कहा, ‘हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमने सर्वसम्मति से यशवंत सिन्हा को 18 जुलाई, 2022 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के उम्मीदवार के रूप में चुना है।’ बयान में कहा गया, ‘लंबे सार्वजनिक जीवन और प्रतिष्ठित करियर में यशवंत सिन्हा ने विभिन्न क्षमताओं- एक सक्षम प्रशासक, कुशल सांसद और प्रशंसित केंद्रीय वित्त और विदेश मंत्री के रूप में देश की सेवा की है। वह भारत के धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए विशिष्ट रूप से योग्य हैं।’
नेताओं ने यह घोषणा भी की कि सिन्हा के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के संचालन के लिए गठित समिति आज से काम करना शुरू कर देगी। विभिन्न मुद्दों पर काफी मुखर रहे सिन्हा की उम्र 80 वर्ष से अधिक है। पवार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं से खुद बातचीत की। इनमें आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और टीआरएस नेता के. चंद्रशेखर राव शामिल थे जो बैठक में शामिल नहीं हुए। पवार ने कहा कि उन्होंने तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी), तेजस्वी यादव (राष्ट्रीय जनता दल), फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस) और संजय राउत (शिवसेना) से भी बातचीत की और उन सभी ने सिन्हा का समर्थन किया।

First Published : June 22, 2022 | 12:27 AM IST