पांच महीने में तीसरी बार यूट्यूब चैनल ब्लॉक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:30 PM IST

देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में भ्रामक सूचना फैलाने पर सरकार ने गुरुवार को आठ यू-ट्यूब चैनलों को प्रतिबंधित कर दिया। इनमें से एक पाकिस्तान से संचालित होता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जिन चैनल को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों-2021 के तहत ब्लॉक किया गया है, उनमें सात भारतीय समाचार चैनल हैं। बयान में बताया गया कि ब्लॉक किए गए इन चैनल के 114 करोड़ ‘व्यूज’ (यानी उन्हें 114 करोड़ बार देखा गया) और 85.73 लाख सबस्क्राइबर हैं तथा इन चैनल की सामग्री से धन अर्जित किया जा रहा था। 
सरकार के आदेश के तहत ‘लोकतंत्र टीवी’, ‘यू ऐंड वी टीवी’, ‘ए एम रजवी’, ‘गौरवशाली पवन मिथिलांचल’, ‘सीटॉप 5टीएच’, ‘सरकारी अपडेट’, ‘सब कुछ देखो’ और पाकिस्तान से संचालित ‘न्यूज की दुनिया’ चैनल को ब्लॉक किया गया है। बयान में कहा गया है कि भारतीय यूट्यूब चैनल को ‘फर्जी और सनसनीखेज थंबनेल का इस्तेमाल करते’ पाया गया। उन्हें दर्शकों को समाचार की प्रामाणिकता का भरोसा दिलाने के लिए समाचार प्रस्तोताओं की छवियों और कुछ टीवी समाचार चैनल के ‘प्रतीक चिह्नों’ (लोगो) का इस्तेमाल करते पाया गया। 
पांच महीने में यह तीसरी बार है जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 का हवाला देते हुए यू-ट्यूब चैनलों को प्रतिबंधित किया है। अब तक 46 चैनलों पर प्रतिबंध लगाया गया है। हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में बताया कि 2021 से अबतक 78 चैनलों को प्रतिबंधित किया गया है।
इन यूट्यूब चैनल ने भारत सरकार द्वारा धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त किए जाने, धार्मिक त्योहारों को मनाने पर प्रतिबंध लगाए जाने, भारत में धार्मिक युद्ध की घोषणा जैसे झूठे दावे भी किए। बयान में कहा गया, ‘ऐसा पाया गया कि यह सामग्री सांप्रदायिक सद्भाव और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है।’
इसमें कहा गया कि इन यूट्यूब चैनल का इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बलों और जम्मू-कश्मीर जैसे विभिन्न विषयों पर भी फर्जी खबरें पोस्ट करने के लिए किया जाता था। बयान में कहा गया, ‘इस सामग्री को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से संवेदनशील और पूरी तरह से मिथ्या पाया गया।’
इसमें कहा गया कि मंत्रालय द्वारा ब्लॉक किए गए चैनल की सामग्री को देश की संप्रभुता एवं अखंडता, देश की सुरक्षा, अन्य देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाया गया, इसीलिए इन्हें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के दायरे में लाया गया। सरकार ने पिछले साल दिसंबर से 102 यूट्यूब आधारित समाचार चैनलों और कई अन्य सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। 

First Published : August 19, 2022 | 11:08 AM IST