भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि 2 सितंबर को समाप्त होने वाले सप्ताह में केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार 7.9 अरब डॉलर की भारी गिरावट के साथ 553.11 अरब डॉलर रह गया। विश्लेषकों ने विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रहे डॉलर के बीच केंद्रीय बैंक द्वारा डॉलर की बिक्री के जरिये रुपये की सुरक्षा का हवाला दिया है।
संयोग से रुपया 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान दिन के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 80.13 के नए निचले स्तर पर आ गया था। आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की मुख्य वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट रही, जो 6.5 अरब डॉलर गिरकर 492.12 अरब डॉलर रह गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक दिलीप परमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि आरबीआई रुपये को किसी भी तेज गिरावट से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा बाजारों में लगातार हस्तक्षेप करता रहा है। अकेले अगस्त महीने में आरबीआई का विदेशी मुद्रा भंडार 573.9 अरब डॉलर से घटकर 553.1 अरब डॉलर रह गया, जबकि एशियाई मुद्राओं के बीच रुपया लचीला बना रहा और औसत प्रदर्शन करने वाला बन गया।
जहां एक ओर 29 अगस्त को रुपया कमजोर होकर प्रति अमेरिकी डॉलर 80.13 के नए निचले स्तर पर आ गया, वहीं दूसरी ओर रुपया डॉलर के मुकाबले उसी सप्ताह 0.1 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।