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टाटा को पीछे छोड़ भारत का सबसे मूल्यवान समूह बन गया अदाणी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:31 PM IST

 दलाल पथ पर पिछले कुछ अरसे से गौतम अदाणी की किस्मत इस कदर चमक रही है कि उनकी कंपनियों का समूह भी टाटा समूह को पछाड़कर देश का सबसे कीमती समूह बन गया है। आज शेयर बाजार में कारोबार बंद होने पर अदाणी समूह के सभी सूचीबद्ध शेयरों का बाजार मूल्य 21.78 लाख करोड़ रुपये (270 अरब डॉलर) रहा, जो टाटा समूह के शेयरों की कुल कीमत से अधिक है। टाटा समूह का कुल बाजार मूल्यांकन इस समय 20.77 लाख करोड़ रुपये (260 अरब डॉलर) है। रिलायंस समूह तीसरे स्थान पर है मगर उसका बाजार मूल्यांकन केवल 17.16 लाख करोड़ रुपये (220 अरब डॉलर) है।
अदाणी समूह की 21.78 लाख करोड़ रुपये की बाजार हैसियत में उसकी सातों सूचीबद्ध कंपनियां तो हैं ही, हाल में अधिगृहीत अंबुजा सीमेंट भी शामिल है। उसके मुकाबले टाटा समूह में कुल 27 सूचीबद्ध कंपनियां हैं मगर उसके बाजार मूल्यांकन में 53 फीसदी हिस्सेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की ही है। मुकेश अंबानी समूह के पास नौ सूचीबद्ध कंपनियां हैं मगर उसके बाजार मूल्यांकन में 98.5 फीसदी योगदान आरआईएल का ही है।
आरआईएल भारत की सबसे कीमती कंपनी है, जिसका बाजार मूल्यांकन 16.91 लाख करोड़ रुपये है। दूसरे पायदान पर सॉफ्टवेयर दिग्गज टीसीएस बैठी है, जिसका बाजार मूल्यांकन 11 लाख करोड़ ही है यानी पहली और दूसरी पायदान की कंपनियों की बाजार हैसियत में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का अंतर है। इन सबके मुकाबले अदाणी समूह की संपत्ति उसकी विभिन्न कंपनियों में अच्छी तरह मंटी है। उसकी सबसे कीमती कंपनी अदाणी ट्रांसमिशन है मगर उसका बाजार मूल्यांकन केवल 4.57 लाख करोड़ रुपये है यानी समूह की कुल हैसियत में उसका योगदान करीब 20 फीसदी ही है। अदाणी ट्रांसमिशन एसबीआई (5 लाख करोड़ रुपये मूल्यांकन) के बाद भारत की आठवीं सबसे कीमती कंपनी है और उसके बाद बजाज फाइनैंस आती है, जिसकी हैसियत 4.4 लाख करोड़ रुपये है।
इस बीच गौतम अदाणी की हैसियत भी और ऊंची हो गई है और 150 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ वह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। उन्होंने एमेजॉन के जेफ बेजॉस को धकेलकर यह रुतबा हासिल किया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक टेस्ला के एलन मस्क 264 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ अदाणी से काफी ऊपर रहते हुए चोटी पर बैठे हैं। मुकेश अंबानी की नेटवर्थ अदाणी के मुकाबले 40 फीसदी कम हो गई है और 91 अरब डॉलर की हैसियत के साथ वह आठवें पायदान पर हैं। 
अदाणी समूह के शेयर इस साल दौड़े पड़े हैं और उसकी चार कंपनियों के शेयरों का भाव दोगुना हो गया है। बाजार में उतार-चढ़ाव से परेशान है मगर अदाणी पावर का शेयर 3.9 गुना चढ़ गया है और अदाणी ट्रांसमिशन के शेयर में भी 2.4 गुना इजाफा हो गया है। उनके मुकाबले आरआईएल का शेयर केवल 5.5 फीसदी उठा है और टीसीएस का शेयर करीब 20 फीसदी लुढ़क चुका है।
अदाणी समूह की कंपनियों में तेज उछाल अर्निंग यानी आय बढ़ने की वजह से नहीं आई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन कंपनियों के मूल्यांकन में काफी बढ़ोतरी हो गई है। 

First Published : September 16, 2022 | 10:10 PM IST