मई में गेंहू के नुर्यात पर रोक लगाने के बाद अब सरकार ने शनिवार को गेहूं का आटे (wheat flour), मैदा, सूजी (semolina) और साबूत आटे (Wholemeal Atta) के निर्यात पर भी बैन लगा दिया है। सरकार ने इनकी बढ़ती कीमतों को देखते हुए ये फैसला लिया है।
इस मामले में विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade or DGFT) ने कहा है कि कुछ मामलों में भारत सरकार की अनुमति पर ही इन वस्तुओं के निर्यात की सहमति दी जाएगी।
DGFT के अनुसार, “वस्तुओं की निर्यात नीति (गेहूं या मेसलिन का आटा, मैदा, सूजी, साबुत आटा, और परिणामी आटा) को मुफ्त की जगह अब प्रतिबंधित कर दिया गया है।"
बता दें कि सरकार ने 25 अगस्त को कमोडिटी की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए गेहूं या मेसलिन के आटे के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। यह निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक के दौरान लिया गया था।
केंद्र सरकार ने इस साल मई में ही गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। यह फैसला गेहूं का निर्यात बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतें में हो रही बढ़ोतरी के कारण लिया गया था। उसके बाद जुलाई के महीने में भी गेहूं के आटे के निर्यात पर भी सरकार ने रोक लगा दी थी।