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SEBI के निर्देश के बाद ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट

SEBI ने शेयर बाजारों, समाशोधन निगमों और डिपॉजिटरी से कहा है कि अगर अंतिम ग्राहक पर एक निश्चित शुल्क लगाया जाता है तो एमआईआई यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समान राशि मिले।

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भाषा   
Last Updated- July 02, 2024 | 7:25 PM IST

शेयर बाजारों और अन्य बाजार ढांचागत संस्थानों (एमआईआई) को सभी सदस्यों के लिए एकसमान शुल्क लगाने का सेबी का आदेश आने के एक दिन बाद मंगलवार को शेयर ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को शेयर बाजारों और अन्य एमआईआई को निर्देश दिया था कि सभी सदस्यों के लिए उनकी मात्रा या गतिविधि के आधार पर अलग-अलग शुल्क लगाने के बजाय एक ही तरह का और समान शुल्क संरचना लागू किया जाए।

इस निर्देश का असर शेयर ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों की गिरावट के रूप में सामने आया। कारोबार बंद होने पर एंजल वन के शेयर में 8.72 प्रतिशत, जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज में 6.83 प्रतिशत, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में 4.19 प्रतिशत, एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में 2.81 प्रतिशत, डोलट एल्गोटेक के शेयर में 2.28 प्रतिशत और 5पैसा कैपिटल में 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

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कारोबार के दौरान इनके शेयरों में कहीं अधिक गिरावट आई थी लेकिन बाद में ये थोड़ा संभल गए। एक समय एंजल वन में 10.50 प्रतिशत, जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज में 7.59 प्रतिशत और डोलट एल्गोटेक में 5.39 प्रतिशत की गिरावट आ गई थी। बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजारों, समाशोधन निगमों और डिपॉजिटरी से कहा है कि अगर अंतिम ग्राहक पर एक निश्चित शुल्क लगाया जाता है तो एमआईआई यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समान राशि मिले।

First Published : July 2, 2024 | 7:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)