बोफा सिक्योरिटीज ने निफ्टी का लक्ष्य संशोधित कर 18,500 से 17,500 कर दिया है। ब्रोकरेज ने लक्ष्य कटौती के लिए कमजोर आर्थिक हालात, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, रुपये में गिरावट और वैश्विक नरमी का हवाला दिया है।
अमिष शाह की अगुआई में बोफा के रणनीतिकारों ने कहा है, अल्पावधि में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक आर्थिक रफ्तार में नरमी और मुद्रा में गिरावट से चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी व राजकोषीय घाटा ज्यादा होने का जोखिम खड़ा हो सकता है। वित्त वर्ष 23 के लिए राजकोषीय घाटे के अनुमान 6.4 फीसदी में 40 आधार अंक की बढ़ोतरी का जोखिम है।
साथ ही चालू खाते का घाटा भी 2.5 फीसदी की बजाय जीडीपी का 3 फीसदी हो सकता है क्योंकि व्यापार घाटे में इजाफा हो रहा है। ऐसे में अगर कच्चे तेल व मुद्रा को लेकर जोखिम सामने आता है तो ये चीजें भारत की आर्थिक स्थिति खराब कर सकता है और हम पूंजीगत खर्च में बढ़त को लेकर जोखिम देख सकते हैं।
उन्होंने कहा, इस देखते हुए हमारा मानना है कि आय में और कटौती से इनकार नहीं किया जा सकता। हम निफ्टी की ट्रेडिंग का दायरा घटाकर 16,500 से 18,500 कर रहे हैं और आधारभूत लक्ष्य पहले के 18,500 के मुकाबले 17,500 कर रहे हैं। अगस्त में आर्थिक अनिश्चितता का हवाला देते हुए बोफा ने निफ्टी का लक्ष्य दो बार संशोधित किया था। पहली बार लक्ष्य 14,500 से 15,600 किया गया था और दूसरी बार 18,500।