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सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लि. (IREDA) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने सोमवार को कहा कि हम कंपनी में इक्विटी पूंजी बढ़ाने के लिए अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) लाने की योजना बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) पिछले साल नवंबर में 2,150 करोड़ रुपये का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) लेकर आई थी।
दास ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ हमने 24,200 करोड़ रुपये बाजार से जुटाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन हमारा अनुमान है कि नवीकरणीय ऊर्जा और नये उद्योगों (हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण आदि) की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें और इक्विटी पूंजी चाहिए। इसके लिए हम एफपीओ लाने पर विचार कर रहे हैं।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इस समय एफपीओ के आकार के बारे में अभी कुछ बताना मुश्किल होगा। यह अगले वित्त वर्ष के आखिर या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में आ सकता है।’’
दास ने कहा कि हम चालू वित्त वर्ष में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज वितरण की उम्मीद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी इरेडा का कर्ज वितरण वित्त वर्ष 2023-24 में 15.94 प्रतिशत बढ़कर 25,089.04 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2022-23 में 21,639.21 करोड़ रुपये था। इरेडा का शुद्ध एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) 0.99 प्रतिशत रहा जो 2022-23 में 1.66 प्रतिशत था।