मंजूश्री खेतान (दिवंगत बसंत कुमार बिड़ला की पुत्री) के स्वामित्व वाली केसोराम इंडस्ट्रीज तीन साल की सावधि जमाओं के जरिए रकम जुटा रही है, जिस पर सालाना 12.25 फीसदी ब्याज देय होगा। कुल 1.08 करोड़ टन सालाना सीमेंट उत्पादन क्षमता वाली कंपनी की योजना इस रकम का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी की जरूरतों में करने की है।
55 करोड़ रुपये के एनसीडी और 294 करोड़ रुपये के परिवर्तनीय ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान के लिए राइट्स इश्यू से हाल में 400 करोड़ रुपये जुटा चुकी कंपनी उच्च लागत पर जमाओं के जरिए रकम जुटा रही है। सावधि जमाओं की दरें अन्य कंपनियों की तरफ से की गई पेशकश के मुकाबले ज्यादा है। तीन साल की सावधि जमाओं पर मणिपाल हाउसिंग फाइनैंस सिंडिकेट अभी 7.75 फीसदी सालाना की पेशकश कर रही है जबकि श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस कंपनी 7.48 फीसदी सालाना ब्याज दे रही है। यह जानकारी पैसाबाजार डॉट कॉम से मिली।
मार्च 2022 में समाप्त वित्त वर्ष में 130 करोड़ रुपये का नुकसान और 3,540 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज करने वाली कंपनी के बारे में विश्लेषकों ने कहा कि वह अपना कर्ज घटाने के लिए कदम उठा रही है। इक्रा के एक विश्लेषक ने इस साल जून में कहा था, केसोराम पर पुनर्वित्त का जोखिम है क्योंकि उसका 78 फीसदी कर्ज का भुगतान फरवरी 2026 में होना है और निवेश निकासी पर ज्यादा प्रीमियम भी है। इसके अलावा कार्यशील पूंजी की सीमा का आवंटन न होने से इस मद में बढ़ती जरूरत के लिए वित्त पोषण की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, ऐसे में रकम जुटाने की दरकार है। इसके अलावा उच्च लागत वाले कर्ज को निपटाने के लिए नई रकम जुटाने की योजना अल्पावधि के लिहाज से उसके लिए अनुकूल साबित हो सकता है, जो आने वाले समय में उसके डेट कवरेज मैट्रिक्स को सहारा दे सकता है। वित्त वर्ष 22 में बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी की मुख्य वजह लेनदारों के साथ एकमुश्त निपटान के बाद सुधरी हुई नकदी रही। रेटिंग फर्म ने ये बातें कही है।
सोमवार को केसोराम का शेयर 3 फीसदी गिरकर 46.5 रुपये पर बंद हुआ और इस तरह से उसका बाजार पूंजीकरण 1,134 करोड़ रुपये रहा।