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आईपीओ लाएगी मणिपाल हेल्‍थ

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:45 PM IST

बें­गलूरु की अस्‍पताल श्रृंखला मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज इमामी समूह की अस्‍पताल श्रृंखला आमरी हॉस्पिटल का अधिग्रहण पूरा होने के बाद आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ पूंजी बाजार में दस्‍तक दे सकती है। मामले से अवगत सूत्रों ने यह जानकारी दी। हाल में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का मूल्‍यांकन करीब 35,000 करोड़ रुपये किया गया है। 
मामले से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया कि 1,500 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज मूल्य पर इमामी समूह की एएमआरआई अस्पताल श्रृंखला के अधिग्रहण का सौदा जल्द पूरा होने वाला है। इस मामले के एक करीबी व्‍यक्ति ने कहा, ‘दोनों पक्षों के बीच एक बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। आमरी अस्पताल अब सौदा पूरा होने से पहले की शर्तों (सीपी) पर काम कर रहे हैं। सौदा अगले महीने तक पूरा होने की संभावना है।’ 
सौदा पूरा होने से पहले की एक शर्त यह भी है कि लेनदेन के लिए दोनों पक्षों को संतुष्ट होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं हुआ तो दूसरा पक्ष लेनदेन को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं है।
मणिपाल हेल्थ पिछले कुछ समय से आईपीओ लाने पर विचार कर रही है। अपोलो हॉस्पिटल्स के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी अस्पताल श्रृंखला ने नवंबर 2020 में कोलंबिया एशिया अस्पताल श्रृंखला को 2,100 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस सौदे के बाद उसका दायरा 27 जगहों पर कुल 7,300 बिस्तरों तक बढ़ गया था। जून 2021 में उसने मल्टीपल प्राइवेट इक्विटी के साथ 350 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत बेंगलूरु के विक्रम हॉस्पिटल्स का अधिग्रहण किया था। 
अब इस नेटवर्क में 28 जगहों पर 8,700 बिस्‍तर होने का अनुमान है। निजी क्षेत्र की इस कंपनी में पई परिवार के अलावा टेमासेक होल्डिंग्‍स, टीपीजी कैपिटल व नैशनल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर इन्‍वेस्‍टमेंट फंड (एनआईआईएफ) जैसी निजी इक्विटी फर्मो का निवेश है। 
मणिपाल हेल्‍थ में पई परिवार की हिस्‍सेदारी करीब 52 फीसदी है। चर्चा है कि निजी इक्विटी कंपनी केकेआर इस कंपनी में टेमासेक, टीपीजी, एनआईआईएफ और पई परिवार से हिस्‍सेदारी खरीदना चाहती है। 
मेडिकल एजुकेशन ऐंड मेडिकल ग्रुप (एमईएमजी) के अध्यक्ष रंजन पई ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया। 
सूत्रों ने कहा कि टेमासेक जैसे कुछ निजी इक्विटी निवेशक अभी यह तय नहीं कर पाएं हैं कि उन्‍हें मणिपाल हेल्‍थ में अपनी हिस्सेदारी बेचनी चाहिए अथवा निवेश को बरकरार रखना चाहिए। आईपीओ से मौजूदा निवेशकों को बाहर निकलने का अवसर मिल सकता है।
इस मामले के एक अन्‍य करीबी सूत्र ने कहा, ‘यह निर्णय पई परिवार पर निर्भर करता है कि वे अपनी हिस्‍सेदारी किसी अन्‍य निजी इक्विटी निवेशक को बेचना चाहते हैं अथवा आईपीओ लाना। दोनों विकल्‍प खुले हैं लेकिन इतना तो तय है कि सब कुछ मूल्‍यांकन पर निर्भर करेगा।’

First Published : October 13, 2022 | 9:54 PM IST