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मुकेश अंबानी की इस कंपनी को हुआ तगड़ा घाटा, 7 प्रतिशत लुढ़के शेयर

जनवरी महीने में 11 कारोबारी दिनों में जियो फाइनेंशियल के शेयर की कीमत सोमवार तक 14 फीसदी बढ़ गई थी।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 16, 2024 | 4:48 PM IST

मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर मंगलवार के इंट्रा-डे ट्रेड में BSE पर 7 प्रतिशत फिसलकर 248.05 रुपये पर आ गए। कंपनी को तीसरी तिमाही में तगड़ा घाटा हुआ है। इस कारण शेयरों में आज गिरावट दर्ज की गई।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा आधे से ज्यादा घटा

कंपनी ने सोमवार यानी 15 जनवरी को अपने तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का नेट प्रॉफिट दिसंबर, 2023 को समाप्त तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले 56 प्रतिशत घटकर 294 करोड़ रुपये रहा। आय में गिरावट और खर्चों में वृद्धि के कारण कंपनी के मुनाफे में कमी आई है।

जनवरी महीने में 11 कारोबारी दिनों में जियो फाइनेंशियल के शेयर की कीमत सोमवार तक 14 फीसदी बढ़ गई थी। आज काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम तीन गुना से अधिक बढ़ गया। जियो फाइनेंशियल की कुल इक्विटी का लगभग 1 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने वाले 5.979 करोड़ इक्विटी शेयर ज्वाइंट रूप NSE और BSE पर दोपहर 01:01 बजे तक बदले गए।

ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू 413.6 करोड़ रुपये रहा

30 शेयरों पर आधारित BSE सेंसेक्स 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,128.77 अंक पर बंद हुआ। कंपनी का नेट प्रॉफिट चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 668 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 608 करोड़ रुपये से 31.9 प्रतिशत गिरकर 414.33 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि इसी अवधि के दौरान ब्याज आय बढ़कर 269 करोड़ रुपये हो गई। ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू 413.6 करोड़ रुपये रहा।

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अन्य खर्चों में वृद्धि के कारण कंपनी का कुल खर्च तिमाही आधार पर (Q-o-Q) 38.53 प्रतिशत बढ़कर 71.4 करोड़ रुपये की तुलना में 98.9 करोड़ रुपये हो गया।

अपनी निवेशक प्रस्तुति में, कंपनी ने कहा कि उसके भुगतान बैंक ने तिमाही के दौरान एक डेबिट कार्ड लॉन्च किया था और डिजिटल सेविंग बैंक अकाउंट लॉन्च करने के लिए इसे रिप्लेटफॉर्म किया गया था। इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि वह मौजूदा बाजार और नियामक विकास के कारण सिक्योर्ड लोन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने के लिए लीजिंग बिजनेस और सप्लाई चेन फंडिंग शुरू करने की योजना बना रही है। हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ऐसे ऋणों की वृद्धि को कम करने के लिए अनसिक्योर्ड लोन पर जोखिम भार बढ़ा दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज से अलग हुई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, निवेश और फंडिंग, बीमा ब्रोकिंग, भुगतान बैंक आदि कारोबार में लगी है। कंपनी और ब्लैकरॉक संपत्ति प्रबंधन उद्योग में प्रवेश करने के लिए एक ज्वाइंट वेंचर बनाने पर सहमत हुए हैं।

First Published : January 16, 2024 | 4:48 PM IST