आज रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान हो गया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 30 सितंबर को मॉनेटरी पॉलिसी पेश की। आरबीआई वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 0.2 फीसदी घटा दिया है। रिजर्व बैंक ने जीडीपी की ग्रोथ के अनुमान को 7 फीसदी बताया है जो कि पहले 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी रहेगी। जबकि तीसरी तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 4.6 फीसदी रहने का अनुमान है। चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च की तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ 4.6 फीसदी रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष यानी 2023 24 में जीडीपी ग्रोथ के 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के इस समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की 7 फीसदी के करीब ग्रोथ राहत देने वाली है।
वहीं इस वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई (रिटेल इन्फ्लेशन) के लिए 6.7 फीसदी के अपने पूर्वाअनुमान को बरकरार रखा है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इसके 6 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष में इसमें कमी आने की उम्मीद जताई है। रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह घटकर 5 फीसदी पर आ सकता है।
इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेस में शक्तिकांत दास ने कहा फूड प्राइसेज बढ़ने की आशंका बनी हुई है। देश में खरीफ की बुआई कम होने से कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है।