चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता पैदा होने के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में मचे कोहराम से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी बैंकों के शेयरों में 24 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। मतगणना के रुझानों से यह दिखा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लोकसभा चुनावों में अपने दम पर स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना बेहद कम है।
इस रुझान को देखकर शेयर बाजार में घबराहट फैल गई और चौतरफा भारी बिकवाली हुई। इसके असर में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही सूचकांक कारोबार के दौरान आठ प्रतिशत तक टूटने के बाद थोड़ा संभले लेकिन अंत में लगभग छह प्रतिशत के भारी नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 4,389.73 अंक गिरकर 72,079.05 अंक पर और निफ्टी 1,379.40 अंक गिरकर 21,884.50 पर अंक पर बंद हुआ।
सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसई) के लिए समर्पित निफ्टी पीएसई सूचकांक में भी 1,856.70 अंक यानी 16.38 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई और यह 9,475.10 अंक पर बंद हुआ। बिजली क्षेत्र की कंपनी आरईसी का शेयर मूल्य 24.07 प्रतिशत की बहुत बड़ी गिरावट के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ। इसके अलावा पीएफसी में 21.62 प्रतिशत, कंटेनर कॉर्प ऑफ इंडिया में 19.43 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में 19.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी में 16.23 प्रतिशत, कोल इंडिया में 13.54 प्रतिशत, एनटीपीसी में 14.52 प्रतिशत तथा पावर ग्रिड में 11.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए समर्पित निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक भी 1,211.90 अंक यानी 15.14 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 6,794.25 अंक अंक पर बंद हुआ।
इस क्रम में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शेयर मूल्य 17.65 प्रतिशत गिरकर 140 रुपये पर आ गया, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा में 15.74 प्रतिशत की गिरावट आई। पंजाब नेशनल बैंक में 15.15 प्रतिशत, केनरा बैंक में 13.45 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में भी 13.37 प्रतिशत तक की गिरावट रही। कारोबार के दौरान एनएसई पर एसबीआई का शेयर एक समय 19.17 प्रतिशत तक गिरकर 731.95 रुपये पर आ गया था।
सत्र के अंत में एसबीआई का बाजार मूल्यांकन 1.08 लाख करोड़ रुपये घटकर 7,00,225.05 करोड़ रुपये रह गया। निफ्टी बैंक सूचकांक 4,051.35 अंक यानी 7.95 प्रतिशत गिरकर 46,928.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी बैंक इंडेक्स 4,589.2 अंक यानी 9.61 प्रतिशत तक फिसलकर 46,077.85 अंक पर आ गया था। यह फरवरी, 2022 के बाद से निफ्टी बैंक सूचकांक की सबसे बड़ी गिरावट रही।
इस बीच, रेलटेल कॉर्प ऑफ इंडिया के शेयर मूल्य में 14.56 प्रतिशत, रेल विकास निगम लिमिटेड में 13.16 प्रतिशत और आईआरसीटीसी में 12.27 प्रतिशत की गिरावट आई। रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उद्यमों के शेयरों में भी 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई। बीईएमएल में 20 प्रतिशत, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स में 18.88 प्रतिशत और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में 17.17 प्रतिशत की गिरावट आई।
इस बीच, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 16.20 प्रतिशत और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड एवं कोचीन शिपयार्ड में 10-10 प्रतिशत की गिरावट आई। प्रभुदास लीलाधर फर्म के सलाहकार प्रमुख विक्रम कासट ने कहा, ‘‘अल्पावधि में पीएसयू शेयरों की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है लेकिन उन्हें जल्द ही वापसी करनी चाहिए। सामाजिक सुधारों की रफ्तार पर असर पड़ सकता है, लेकिन यह इस पर निर्भर करता है कि नई सरकार अपने एजेंडा को किस तरह आगे बढ़ाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अनिश्चितता से शुरुआती आशंकाएं हो सकती हैं लेकिन नई सरकार के बनने और अपनी नीतियों को लागू करने के बाद महत्वपूर्ण सकारात्मक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।’’