शेयर बाजार

रियल टाइम डेटा शेयरिंग को लेकर SEBI ने जारी की गाइडलाइन

बाजार नियामक ने स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग सदस्यों, डिपॉजिटरी और स्टॉकब्रोकरों को तीसरे पक्ष के लिए रियल टाइम डाटा शेयर नहीं करने का निर्देश दिया है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 25, 2024 | 12:54 PM IST

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने रियल टाइम डेटा शेयरिंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। बाजार नियामक ने स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग सदस्यों, डिपॉजिटरी और स्टॉकब्रोकरों को तीसरे पक्ष के लिए रियल टाइम डाटा शेयर नहीं करने का निर्देश दिया है।

SEBI ने कहा कि डेटा शेयरिंग के लिए अग्रीमेंट में इस बात की साफ जानकारी हो कि इसका इस्तेमाल कहां किया जाएगा। ब्रोकर, एक्सचेंज के बोर्ड रिव्यू करेंगे कि किस काम के लिए डेटा साझा हो।

सेबी ने कहा, “मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (एमआईआई) या बाजार मध्यस्थों को उन संस्थाओं के साथ एक उचित समझौता करना होगा जिनके साथ वे रियल टाइम में डेटा शेयर करना चाहते हैं। उक्त समझौता उन गतिविधियों के लिए प्रदान करेगा जिनके लिए एंटिटी द्वारा रियल टाइम में डेटा शेयर का उपयोग किया जाएगा। साथ ही जिसमें यह बात साफ कही गई हो कि डेटा शेयरिंग के लीगल अग्रीमेंट में किसी तरह का दुरूपयोग नहीं हो।

सेबी ने कहा, “वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार, इस डेटा का उपयोग करने वाली गतिविधियों और एंटिटीज की सूची को MIIs के बोर्ड द्वारा समीक्षा किया जाना चाहिए।”

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बाजार नियामक का यह कदम ऐसे समय में आया है जब इन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों पर रियल टाइम डेटा का इस्तेमाल करके सट्टेबाजी, लीग और लेनदेन जैसी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। इन खेलों में प्रवेश राशि और जीतने वाले पुरस्कार हो सकते हैं। यूजर्स इस बात पर प्रतिस्पर्धा करते हैं कि रियल स्टॉक परफॉर्मेंस से जुड़ा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला पोर्टफोलियो कौन बना सकता है।

सेबी ने कहा, “कुछ प्लेटफॉर्म वर्चुअल स्टॉक पोर्टफोलियो के प्रदर्शन के आधार पर मौद्रिक प्रोत्साहन भी दे रहे हैं।”

स्टॉक एक्सचेंज विभिन्न मार्केट सेगमेंट्स के लिए स्टॉकब्रोकरों और ग्राहकों को पेड सर्विस के रूप में रियल टाइम डेटा ऑफर करते हैं।

शिक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बाजार डेटा के उपयोग के लिए, नियामक ने इसे एक दिन के अंतराल पर शेयर करने का निर्देश दिया है।

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सेबी ने कहा, “बाजार मूल्य डेटा को निवेशकों की शिक्षा और जागरूकता गतिविधियों के लिए प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार का मुद्रा प्रोत्साहन (monetary incentive) दिए बिना, एक दिन के अंतराल के साथ साझा किया जा सकता है।”

सेबी ने कहा कि ये नियम इस सर्कुलर के जारी होने के 30 दिन बाद प्रभावी होंगे।

First Published : May 25, 2024 | 12:32 PM IST