शेयर बाजार

Stock Market: बाजार में तीन दिन से जारी तेजी थमी, निजी बैंकों और ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली बड़ी वजह

30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 110.64 अंक यानी 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ 73,903.91 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 270.78 अंक तक नीचे चला गया था।

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भाषा   
Last Updated- April 02, 2024 | 10:04 PM IST

देसी शेयर बाजारों में मंगलवार को तीन कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 111 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों में कमजोर रुख तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी के बीच चुनिंदा निजी बैंकों और वाहन शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आई।

30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 110.64 अंक यानी 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ 73,903.91 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 270.78 अंक तक नीचे चला गया था।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8.70 अंक यानी 0.04 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 22,453.30 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सोमवार को कारोबार के दौरान अपने अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे। बाद में दोनों मानक सूचकांक 0.5 फीसदी की बढ़त में रहे थे।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘घरेलू शेयर बाजारों के सोमवार को कारोबार के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के साथ बाजार में मंगलवार को गिरावट आई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि और कच्चे तेल के दाम में अच्छी तेजी जैसे कारणों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।’

नायर ने कहा कि अमेरिका में विनिर्माण आंकड़ा उम्मीद से बेहतर रहने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती में देरी की आशंका को लेकर चिंता बढ़ी है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘निफ्टी में तीन दिन से जारी तेजी थम गयी। जबकि कारोबार के अंतिम आधे घंटे में तेजी से सुधार हुआ। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में गिरावट से वैश्विक शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। अमेरिका में विनिर्माण आंकड़े मजबूत रहने से इस बात को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दर में कटौती को लेकर कुछ देरी कर सकता है।’

कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा 1.84 फीसदी नीचे आया। इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजिज, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, टेक महिंद्रा और लार्सन ऐंड टुब्रो प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

First Published : April 2, 2024 | 10:04 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)