Categories: बाजार

बॉन्ड में नरमी से चढ़ा बाजार

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:11 PM IST

 अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल में नरमी के मद्देनजर वै​श्विक बाजारों में तेजी का असर देसी बाजार में भी देखा गया और बेंचमार्क सूचकांक आज 2 फीसदी से ज्यादा उछल गया। अमेरिका में आ​र्थिक आंकड़ों में नरमी से फेडरल रिजर्व की ओर दरों में ज्यादा सख्ती नहीं दिखाए जाने की उम्मीद से बाजार में तेजी आई है।
पिछले हफ्ते 3.95 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड का प्रतिफल घटकर 3.6 फीसदी से नीचे आ गया है। इस बीच ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की है जबकि उम्मीद 50 आधार अंक की जताई जा रही थी।
सेंसेक्स 1,276 अंक या 2.3 फीसदी चढ़कर 58,065 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 387अंक के लाभ के साथ 17,274 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों ने 30 अगस्त के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है। 
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा उम्मीद से कम ब्याज दर बढ़ाने के बाद बाजार को उम्मीद है कि विकसित देशों में दरों में बढ़ोतरी उच्च स्तर के करीब पहुंच गई है।’ अमेरिका में विनिर्माण गतिवि​धियों में तेजी सितंबर में ढाई साल में सबसे कम रही। फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति का इस पर असर पड़ने की आशंका है। 
अवेंडस कैपिटल अल्टरनेट स्ट्रैटजीज के मुख्य कार्या​धिकारी एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘बाजार में पहले काफी बिकवाली हुईहै। अमेरिका में विनिर्माण के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं। हर कोई इसे बाजार के लिए अच्छा संकेत मान रहा है और उम्मीद कर रहा है कि फेडरल रिजर्व दरों में ज्यादा इजाफा नहीं करेगा। हालांकि ऐसा नवंबर में तो नहीं लेकिन अगले साल हो सकता है। ब्रिटेन में प्रतिकूल ​स्थितियां और बढ़ी हैं। ऐसे में डॉलर में नरमी आई है और बॉन्ड प्रतिफल घटा है।’ 
हालांकि न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने सोमवार को कहा था कि सख्त मौद्रिक नीति से मांग कम हुई है और मुद्रास्फीति का दबाव घटा है लेकिन केंद्रीय बैंक का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। कुछ निवेशकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व मार्च तक ब्याज दर में 125 आधार अंक का इजाफा कर सकता है जबकि पहले 165 आधार अंक की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी।
डॉलर सूचकांक 0.5 फीसदी घटकर 111.2 पर बंद हुआ। ब्रिटेन की सरकार द्वारा विवादास्पद कर कटौती योजना को वापस लिए जाने से पाउंड में भी सुधार हुआ है। घरेलू बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.4 फीसदी की मजबूती आई जबकि 10 वर्षीय सरकार प्रतिभूतियों का प्रतिफल 10 आधार अंक घटा है। 
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1,345 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की। सितंबर में विदेशी निवेशकों ने 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की थी। इस बीच कच्चे तेल का दाम 3.2 फीसदी चढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। 
वित्तीय और तकनीकी शेयरां में तेजी ने सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया। इंडसइंड बैंक का शेयर 5.5 फीसदी चढ़ा। बजाज फाइनैंस में 4.4 फीसदी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 3.6 फीसदी बढ़त पर बंद हुआ। बीएसई के सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाभ में रहे। बाजार में उतार-चढ़ाव का अंदाज लगाने वाला वीआईएक्स सूचकांक 8.4 फीसदी घटकर 20 से नीचे आ गया।

First Published : October 4, 2022 | 10:10 PM IST