Stock Market Crash: शेयर बाजार में तबाही! सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंक फिसला; निफ्टी 26 हजार के नीचे आया

निवेशकों का ध्यान पेरोल रिपोर्ट समेत प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगा, जो यह तय कर सकता है कि फेडरल रिजर्व नवंबर में एक और बड़ी दर में कटौती करेगा या नहीं।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- September 30, 2024 | 12:42 PM IST

Stock Market Today: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने सोमवार को अपनी धीमी शुरुआत को गिरावट में बदल दिया।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) दोपहर 12:30 बजे 993.71 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,577.51 पर कारोबार कर था, जबकि निफ्टी-50 भी 278 अंक या 1.06 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर 25,887.45 पर चल रहा था।

टॉप गेनर्स

टाटा स्टील (Tata Steel) के शेयर में सबसे ज्यादा 2.76 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। साथ ही जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में थे। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में केवल 8 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे जबकि 22 कंपनियों के शेयर लाल निशान में थे।

टॉप लूजर्स

दूसरी तरफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सबसे ज्यादा 2.42 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स, नेस्ले इंडिया, भारती एयरटेल, एचडीएफ़सी बैंक के शेयर गिरावट में चल रहे थे।

शुक्रवार को कैसी थी बाजार की चाल?

वहीं, शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी-50 (Nifty-50) सप्ताह के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में गिरावट बंद होने से पहले नए ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गए थे।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले कारोबारी सेशन में 264 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 85,571.85 पर बंद हुआ, जो दिन के दौरान 85,978.25 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

सत्र समाप्त होने से पहले निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 26,277.35 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो हालांकि बाद में 37.13 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,178.95 पर बंद हुआ।

वैश्विक बाजारों का क्या हाल?

एशिया के शेयर बाजार सोमवार को मिलाजुला रुख देखने को मिला। चीन ने अधिक प्रोत्साहन का एलान किया है। हालांकि जापान के नए प्रधान मंत्री द्वारा ब्याज दरों को सामान्य करने के पक्ष में चिंताओं के कारण निक्केई में गिरावट आई।

लेबनान में लगातार इजरायली हमलों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को बढ़ा दिया, हालांकि आपूर्ति में वृद्धि के जोखिम के कारण तेल की कीमतें अभी भी कम बनी हुई है।

निवेशकों की नजर अमेरिकी आंकड़ों पर

इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान पेरोल रिपोर्ट समेत प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगा, जो यह तय कर सकता है कि फेडरल रिजर्व नवंबर में एक और बड़ी दर में कटौती करेगा या नहीं।

First Published : September 30, 2024 | 8:54 AM IST