दीपावली पर स्टॉक मार्केट से सोना खरीदने की सुविधा भी शुरू हो सकती है। BSE से अब सिर्फ शेयर ही नहीं, सोने की भी खरीदारी की जा सकेगी। BSE से सोने की खरीद-फरोख्त दिवाली तक शुरू हो सकती है। बाजार नियामक सेबी से BSE को पहले ही सोने की ट्रेडिंग की मंजूरी मिल चुकी है। सेबी से अनुमति मिलने के बाद से ही BSE प्लेटफार्म पर सोने के कारोबार की शुरुआत की प्रक्रिया तेज हो गई है।
इलेक्ट्रानिक गोल्ड रिसीट
सोने की यह खरीद-फरोख्त इलेक्ट्रानिक गोल्ड रिसीट (EGR) के रूप में होगी, लेकिन अगर निवेशक अपने सोने को फिजिकल फार्म में लेना चाहे तो इसकी सुविधा भी दी जाएगी। सोने के सिक्के और बार के आकार में फिजिकल सोना दिया जाएगा। वैसे ही, घर में रखे सोने को भी BSE पर बेचा जा सकेगा।
ये खरीदारी बिल्कुल शेयर की खरीदारी की तरह होगी। अलग से कोई खाता खुलवाने की जरूरत नहीं होगी। निवेशक के पास सिर्फ डीमैट अकाउंट होना चाहिए।
अभी कैसे होती है बिक्री
अभी किसी कंपनी के शेयर को खरीदने के लिए डीमैट अकाउंट के जरिये BSE के प्लेटफार्म पर जाते हैं और उस कंपनी के उस दिन के शेयर भाव को सर्च कर उसकी खरीद-बिक्री करते हैं। वैसे ही, BSE पर उस दिन का सोने का भाव दिखेगा और निवेशक अपनी इच्छानुसार सोने की खरीदारी कर सकेंगे।
अगर निवेशक ने 50 ग्राम सोना खरीदा है तो शेयर की तरह सोने का निवेश भी उसके डीमैट में दिखता रहेगा। मान लीजिए एक माह बाद निवेशक सोना बेचना चाहता है तो वह सिर्फ BSE पर जाकर सोने की बिक्री के लिए सेल का बटन दबाएगा और उस दिन की सोने की दर के हिसाब से उसके खाते में पैसा आ जाएगा। अगर वह निवेशक अपने खाते में जमा सोने को फिजिकल रूप में लेना चाहता है तो उसे BSE के डिलीवरी सेंटर में जाना होगा।
ब्रिक्स इंडिया और सिक्वेल लाजिस्टिक
फिजिकल रूप में निवेशक को सोना देने या उनसे लेने के लिए दो कंपनियां ब्रिक्स इंडिया और सिक्वेल लाजिस्टिक के साथ समझौता किया गया है। जो ग्राहक फिजिकल रूप में सोना देना या लेना चाहते हैं, वे इन दोनों कंपनियों की अधिकृत शाखा में जाकर ऐसा कर सकेंगे। अगर कोई निवेशक घर में रखे सोने को EGR के रूप में अपने डीमैट में रखना चाहता है तो उसे इन दोनों कंपनियों की शाखा में जाकर फिजिकल रूप से सोना जमा करना होगा और वह जानकारी उनके डीमैट खाते में दर्ज हो जाएगी। सोने की इस ट्रेडिंग के लिए BSE आयातक, बैंक जैसे माध्यम से सोने की खरीदारी भी करेगा।