पांच साल पहले गोल्डमैन सैक्स ने बिक्र देशों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ब्रिक देश आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था के चमकते सितारे बन कर उभरेंगे।
उस समय भी कई लोगों को इस बात का अंदाजा तो था, पर कोई खुले स्वर में इस बारे में कुछ बोलना नहीं चाह रहा था। वर्ष 2000 में ब्रिक देशों की जीडीपी जी-6 देशों की जीडीपी का महज सातवां हिस्सा हुआ करती थी, पर गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2040 में यह जी-6 देशों को भी पार कर जाएगी।
खासतौर पर संगठन ने भारत को लेकर जो अनुमान व्यक्त किए थे, उनको जानकर और खुशी होती है। रिपोर्ट में कहा गया था कि 2035 तक भारत की जीडीपी जापान की जीडीपी को पार कर जाएगी और 2050 तक अमेरिका की जीडीपी को भी भारत लांघ जाएगा। निश्चित तौर पर अन्य देशों की तुलना में भारत को लेकर जो भविष्यवाणी की गई थी, वह ज्यादा उत्साहजनक थी। और हो भी क्यों नहीं, भारत के पास पढ़े लिखे और दक्ष युवाओं की इतनी बड़ी फौज जो है।
इस रिपोर्ट के आने के एक दो वर्ष के बाद जब देखने में आया कि ब्रिक अर्थव्यवस्थाएं इतना बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं तो गोल्डमैन सैक्स ने अपनी एक और अनुमानित रिपोर्ट पेश की जो पहले से भी अधिक उम्मीद भरी थी। इस नई रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत 2050 से पहले ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पार कर जाएगा। इस रिपोर्ट को कितनी गंभीरता के साथ लिया गया, इस बात का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि देश के सबसे बड़े रीटेलर फ्यूचर्स ग्रुप ने गोल्डमैन सैक्स की लेखिका रूपा पुरुषोत्तम को अपना प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त कर लिया। अब अगर भारत भविष्य का सितारा बनने की तैयारी में है तो तय है कि इसमें इस महिला की भागीदारी भी होगी।
ब्रिक देशों की अर्थव्यवस्था में तेजी आने से कमोडिटीज की मांग बढ़ी है और इनकी कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं। कमोडिटी में आए बूम और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग से सबसे अधिक असर भिारत और चीन पर पड़ा है। वजह भी साफ है, इन दोनों देशों को अपनी कमोडिटीज की जरूरतें पूरा करने के लिए आयात पर सबसे अधिक निर्भर करना पड़ता है। बाकी दोनों देशों को इस बूम से फायदा हुआ है। दुनिया में जितना तेल का उत्पादन होता है, उसका 12 फीसदी हिस्सा रूस से ही आता है और ब्राजील लौह अयस्क, एथनॉल का प्रमुख निर्यातक है।
ऐसे में यह जानकर आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि पिछले छह महीनों के दौरान भारत और चीन के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रूस और ब्राजील के शेयर बाजारों में तेजी का रुख है। पर कुल मिलाकर ब्रिक देशों के समूह में चारों देशों का प्रदर्शन अनुमान से भी बेहतर रहा है।
उदाहरण के लिए पहले ब्रिक को लेकर जो अनुमानित रिपोर्ट आई थी उसमें कहा गया था कि 2015 तक ब्रिक की जीडीपी अमेरिका की जीडीपी की 56 फीसदी हो जाएगी, पर आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट कहती है कि 2013 तक यह आंकड़ा 80 फीसदी से भी अधिक हो जाएगा। आईएमएफ की यह ताजा रिपोर्ट इस बात का भी संकेत देती है कि 2013 तक ही भारत और चीन की जीडीपी में जबरदस्त इजाफा होगा और यह गोल्डमैन सैक्स के अनुमान से भी बेहतर हो जाएगी।