इस साल देश के बिजनेस स्कूलों की फीस और कोटा जैसे मसलों को लेकर विवादास्पद माहौल बनने के बाद इन स्कूलों के छात्रों के लिए अच्छी खबर आई है।
वह यह है कि बिजनेस स्कूल के छात्रों की नौकरी के लिए प्रस्तावित वेतन में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। देश के बिजनेस स्कूलों के बड़े समूहों पर नजर डालें तो यहां भी प्रस्तावित वेतन में औसतन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले साल 2007 में महंगाई की बढ़ती दर का खौफ भी उतना बढ़ा नहीं था और न ही तेल की बढ़ती कीमतें उतनी सुर्खियों में छाई थी। बावजूद इसके बिजनेस स्कूल के छात्रों के प्रस्तावित वेतन में केवल 10 फीसदी का ही इजाफा हुआ था। इसमें सबसे खास बात यह है कि इसमें विदेशी कंपनियों से मिलने वाले ऑफर को तो अभी गिना ही नहीं गया है जो घरेलू कंपनियों के मुकाबले ज्यादा ऑफर देते हैं।
इस साल आईएमआरबी इंटरनेशनल ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) और बिजनेस स्टैंडर्ड के सहयोग से बेस्ट बी स्कूल का सर्वे कराया। इस सर्वे के आंकड़ों से बिजनेस स्कूल के छात्रों के लिए बेहतर भविष्य के लिए उम्मीद की रोशनी नजर आई है। एआईएमए की पत्रिका इंडियन मैनेजमेंट के नवें संस्करण में इस सर्वे की रिपोर्ट आई है।
इंडियन मैनेजमेंट का प्रकाशन बिजनेस स्टैंडर्ड ही करती है। इस साल बिजनेस स्कूल के सबसे प्रतिभाशाली छात्रों में 9 लोग शामिल हैं जिनको औसतन 13.29 लाख रुपये के वेतन का ऑफर मिला। पिछले साल ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों के लिए 10.1 लाख रु पये का ऑफर मिला था।
हालांकि आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक समीर के. बरुआ का कहना है, ‘निश्चित रूप से अमेरिका के सबप्राइम संकट का असर अगले प्लेसमेंट के दौरान दिख भी सकता है। इस साल मार्च में जो कंपनियां छात्रों को नौकरी देने आई थी उस वक्त भी सबप्राइम संकट का असर नहीं दिखा था।’ बरुआ के मुताबिक अच्छे वेतन का ऑफर मिलने की वजह यह है कि उद्योगों में क्वालिटी मैनेजरों की मांग बेहद बढ़ रही है।
इस सर्वे से यह जानकारी मिली कि बिजनेस स्कूलों की पढ़ाई के स्तर, बुनियादी ढांचे से लेकर इंडस्ट्री में काम करने के मौके के लिहाज से वे कितने बेहतरीन साबित हो रहे हैं। मिसाल के तौर पर बिजनेस स्कूल की पढ़ाई के तरीकों की भी काफी तारीफ की गई है और इसमें यह बात भी सामने आई है कि 2006-08 के सत्र के दौरान फैकल्टी के सदस्यों ने काफी मेहनत की है।
देश के सबसे बेहतरीन प्रबंधन संस्थानों में पीएचडी किए हुए शिक्षकों की संख्या में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इन बिजनेस स्कूल के कई प्रोफेसरों ने भी अपने नाम के लिए मैनेजमेंट जर्नल के लिए आलेख लिखे हैं। आजकल प्रोफेसरों ने काफी दुरुस्त तरीके से अपना काम करना शुरू कर दिया है क्योंकि अब इन बिजनेस शैक्षणिक संस्थानों में तजुर्बेकार छात्रों की तादाद काफी बढ़ रही है।
यहां दाखिला लेने वाले लगभग 52 फीसदी छात्रों के पास काम का अनुभव होता है। हालांकि सबसे बेहतरीन बिजनेस संस्थानों के मुताबिक वहां अब भी नए छात्रों को लिया जाता है। देश में एमबीए की पढ़ाई को सीखने के अनुभव के बजाए एक शैक्षणिक योग्यता के तौर पर देखा जाता है।
एमबीए करने वालों में भी इंजीनियरों की तादाद अच्छी-खासी है। सबसे बेहतरीन प्रबंधन संस्थानों के 82 फीसदी छात्र इंजीनियर है। वहीं दूसरे स्थान पर 7 फीसदी की दर से कॉमर्स ग्रेजुएट छात्र एमबीए करने वालों में शामिल हैं। एआईएमए के बिजनेस स्कूल सर्वे में संस्थानों की रैंकिंग नहीं की गई है।
इस सर्वे में इन संस्थानों को उनके प्रदर्शन को उनकी पढ़ाई के स्तर और नौकरी मिलने के मौकों के मानकों के लिहाज से अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। इस सर्वे के मुताबिक ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन ने केवल 1,120 संस्थानों को ही मान्यता दी है। गौरतलब है कि एआईएमए ने इस साल 23 राज्यों के 108 शहरों में मौजूद 260 संस्थानों में यह सर्वे कराया।