पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोतरी इस बात के साफ संकेत हैं कि अब हमें अपने विकास के मॉडल में बदलाव करना होगा।
साथ ही उन तमाम चीजों पर गौर करना होगा जहां पेट्रोलियम पदार्थों का बेजा इस्तेमाल होता है। इस कदम से निश्चित रूप से बायो-ईंधन पैदा करने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। – धर्मेंद्र कुमार, निदेशक, इंडिया एफडीआई वॉच
यातायात खर्च बढ़ने से कृषि से जुड़ी चीजों के दाम कम से कम एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ जाएंगे। और फिर से सरकार वायदा बाजार के पीछे पड़ जाएगी। कृषि से जुड़े प्रमुख उत्पादों के वायदा पर पहले से ही प्रतिबंध है और पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से वायदा पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। – आर. रघुनाथन, एनसीडीईएक्स
किराना बाजार से जुड़ी लगभग सभी चीजों की कीमत 1-2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ जाएगी। खारी बावली से सरोजनी नगर भी किसी माल को ले जाने पर टेंपो वाला 50 रुपये अधिक किराया लेगा। दाम बढ़ने से निश्चित रूप से मांग में कमी आएगी जिससे कारोबार प्रभावित होगा। – ललित गुप्ता, सचिव, दिल्ली किराना कमेटी
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना करता है। इससे न सिर्फ उपभोक्ता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा बल्कि थोक व खुदरा दोनों ही व्यापारियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सरकार चाहती तो अपनी कर प्रणाली में सुधार कर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी को रोक सकती थी। दुनिया के अधिकतर देशों में भारत के मुकाबले पेट्रोल-डीजल की कीमत कम है और भारत में आर्थिक नीतियों में बदलाव कर ऐसा किया जा सकता है। – प्रवीन खंडेलवाल, महासचिव, सीएआईटी
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से दो-चार दिनों तक लिए बाजार भी अव्यवस्थित हो जाएगा। हर छोर पर कीमत बढ़ेगी। ट्रांसपोर्टर पहले की कीमत पर माल की ढुलाई नहीं करेगा। नयी कीमत पर अनुबंध होने के बाद ही ट्रांसपोर्टर माल को बाजार में भेजेगा। ऐसे में बाजार में चीजों की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। सरकार खाद्य तेलों की कीमत नियंत्रित करने का जो प्रयास कर रही थी वह इस कदम से असफल साबित होगा। – हेमंत गुप्ता, सचिव डिवोटा
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से सब्जियों के दाम पर कोई खास प्रभाव नहीं होगा क्योंकि अधिक तर सब्जियां स्थानीय बाजार से आती हैं। लेकिन दिल्ली में जो सब्जियां दूरदराज से आती हैं उनकी कीमत तो हर हाल में बढ़ जाएगी। अरबी अभी खंडवा से आ रही है तो नींबू भी इन दिनों दूरदराज से आ रहे हैं। ऐसे में कीमतों में इजाफा होना तो तय है। – सुरिंदर कोहली, दिल्ली कृषि विपणन समिति
पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने से ऑटोमेटिव पाट्र्स के व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ेगी। हम वह माल बेचते हैं जो सस्ते सेगमेंट वाली गाड़ियों से जुड़े हैं। लोहे के दाम बढ़ने से पहले से ही हमारी लागत बढ़ी हुई थी और पेट्रोल व डीजल की कीमत बढ़ने से तेल की अधिक खपत वाली गाड़ियों की बिक्री कम हो जाएगी जिससे हमारा कारोबार प्रभावित होगा। – नरेंद्र मदान, पूर्व अध्यक्ष अपमा
सरकार का यह कदम बिस्कुट उद्योग के लिए काफी निराशाजनक है। बिस्कुट उद्योग पहले से ही 12.5 फीसदी वैट की मार झेल रहा है ऊपर से पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से लागत में बढ़ोतरी लाजिमी है। ऐसे में बिस्कु ट उत्पादकों ने अगले सप्ताह आपातकालीन बैठक बुलाई है। – मोहन दास, पदाधिकारी, एआईबीएमए
गरीब के घाव का बड़ा आपरेशन कर दिया जाए तो उसके मरने का खतरा पैदा हो जाता है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में इतनी अधिक बढ़ोतरी सरकार का ऐसा ही कदम है। इसका पूरी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। अनाज के दामों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाएगी। जो कारोबारियों के साथ-साथ गरीबों के लिए भी नुकसानदायक होगा। – ओम प्रकाश जैन, अध्यक्ष, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन