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गणपति बप्पा मोरिया को भी है कड़ी सुरक्षा की दरकार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 7:07 PM IST

मुंबई शहर में गणेश उत्सव के लिए कोई परिचय देने की जरुरत नहीं है। वैसे तो इस तरह के आयोजन कड़ी सुरक्षा में मनाए जाते रहे हैं लेकिन इस बार का गणेश उत्सव बेहद कड़ी सुरक्षा के साये में मनाया जाएगा।


शहर की तीन सबसे बड़ी गणेश मंडलियों लालबाग चा राजा गणेश मंडली, लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल, जीएसबी गणेश मंडल पहले ही पूरा सुरक्षा तंत्र बना चुकी हैं। सबसे बड़ी मंडली लालबाग चा राजा है जिसमें सबसे अधिक भक्त हैं। इसने गणेश उत्सव के लिए 30 से 32 क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा, 8 से 10 मेटल डिटेक्टर फ्रेम और आग बुछाने वाले उपकरणों का इंतजाम किया है।

दरअसल यह सारी कवायद इसलिए हो रही है ताकि 16 किलोग्राम सोने से बनी हुई गणेश भगवान की प्रतिमा सही सलामत रहे। यदि आज के बाजार भाव की बात करें तो गणपति की यह मूर्ति तकरीबन 2 करोड़ रुपये की बैठती है।

लालबाग चा राजा गणेश मंडल के अध्यक्ष सुनील जोशी कहते हैं, ‘वैसे तो 200 से 400 पुलिस वाले और 3,000 स्वसंसेवी कड़ी नजर रखते हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं। हमें कैमरे मुफ्त में मुहैया कराये जा रहे हैं जबकि दूसरी चीजों पर हम 2 से 3 लाख रुपये खर्च कर रहे हैं।’

पिछले साल लालबाग चा राजा को भक्तों से चंदे के तौर पर साढ़े पांच करोड़ रुपये मिले थे। इसमें एक करोड़ रुपये की वह रकम शामिल नहीं है जो गणपति की मूर्ति पर गहनों और कपड़ों की नीलामी से हासिल हुइ थी। इस साल मंडल केवल डेकोरेशन पर ही 2 करोड़ रुपये की रकम खर्चने की तैयारी में है।

सबसे रईस गणेश मंडल जीएसबी गणेश मंडल भी इस होड़ में पीछे नहीं है। भीड़ पर कड़ी नजर रखने के लिए इसने भी 24 सीसीटीवी का इंतजाम किया है। साथ ही मोबाइल जैमर्स, एक्सप्लोसिव डिटेक्टर और अन्य सुरक्ष उपकरणों को भी बंदोबस्त किया जा रहा है।

पहले जीएसबी गणेश मंडल के अध्यक्ष रह चुके दिनेश पाई कहते हैं, ‘गणपति की मूर्ति पर कम से कम 8 करोड़ के जवाहरात होते हैं इसके अलावा श्रद्धालुओं के पास भी कैश और दूसरी कीमतें चीजें होती हैं। इस लिहाज से कड़ी सुरक्षा वक्त की जरुरत है।’

वहीं मुंबई का सबसे पुराना गणेश मंडल लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल जो गणेश गली के नाम से लोकप्रिय है, वह भी सुरक्षा के मोर्चे पर कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। 22 सीसीटीवी, मोबाइल जैमर्स के अलावा अन्य सुरक्षा इंतजामों पर मंडल 7 लाख रुपये खर्च कर रहा है।  मंडल अपनी स्थापना का 81 वां वर्ष मना रहा है।

मुंबई पुलिस और फायर एंड सेफ्टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएआई) भी इसकी तैयारियों में जुटी हैं। एएफएसएआई ने सुरक्षा के मानदंडों पर तीन सर्वश्रेष्ठ पंडालों को क्रमश: सवा लाख, 75,000 और 50,000 रुपये की इनामी राशि देने का ऐलान किया है।

गौरतबल है कि 11 दिनों के इस त्यौहार में मुंबई में तकरीबन 600 गणेश पंडाल लगाए जाते हैं। इसके अलावा एफएसएआई किराये पर कुछ उपकरण भी मुहैया करा रहा है। एफएसएआई के प्रवक्ता रविकांत मोहन कहते हैं, ‘हमें लगता है कि मंडलों को इन उपकरणों को खरीदने पर भारी राशि नहीं खर्च करनी चाहिए इसलिए हमने उन्हें किराये पर देने का फैसला किया।’

First Published : September 1, 2008 | 1:13 AM IST