पता है, कल मैं अचानक आधी रात को नींद से जग पड़ा। जी नहीं, बाहर किसी तरह का शोर नहीं मच रहा था।
दरअसल, मैं एक शांत इलाके में रहता हूं। इसलिए बाहर शोर का तो सवाल ही नहीं उठता। शोर तो मेरे जेहन में मचा हुआ था। यह शोर था एक जबरदस्त इंजन का, जिसकी वजह से मेरा रग-रग में जोश दौड़ रहा था।
खैर, मैंने उस तरफ से अपना ध्यान हटाया और अपने मुलायम तकिये में फिर से लौट गया। लेकिन सपनों में भी उस इंजन के शोर ने मुझे बहुत सताया। यह जादू है, मेरे घर के बाहर खड़ी ऑडी टीटी का। इसी की वजह से तो मेरी नींद उड़ी हुई थी।
मैंने उसके साथ सुबह से लेकर शाम तक का सारा वक्त गुजारा था। दिन भर इंजन और एग्जॉस्ट की आवाज का जादू मेरे ऊपर कुछ इस तरह चढ़ गया कि मुझे पता भी नहीं चला। जाहिर सी बात है, जब आप आधी रात को अपने दिमाग में चल रहे इंजन की शोर से जग जाते हैं, तो उस कार के जादू से पार पाने में लंबा वक्त लग जाता है।
मैं अपनी जिंदगी में कई कारें ड्राइव कर चुका हूं, लेकिन ऐसा असर आज से पहले कभी नहीं हुआ। सचमुच, मैं झूठ नहीं बोल रहा। अब तो आपकी समझ में आ ही चुका होगा कि उस कार में सच में कुछ बहुत खास था।
रगों में दौड़ता जोश
इस कार की खासियत केवल इसके इंजन का शोर ही नहीं है, जिसकी वजह से आपके रग-रग में जोश दौड़ने लगता है। इसका लुक भी जबरदस्त है। सफेद रंग के इस चुंबक की तरफ तो आप बरबस की खींचे चले आएंगे। इसके लुक को देखकर तो आपकी आंखे फटी की फटी रह जाएंगी।
दूर से ही यह आपका ध्यान अपनी ओर खींच लेगी, लेकिन करीब से देखने पर तो आप इसके दीवाने ही हो जाएंगे। अगर आप सचमुच लकी हुए और आपको इसकी सर्पोटिव स्पोट्र्स सीट पर बैठकर चाभी घुमाने के बाद इसकी गियर चेंज कर इस चलाने का मौका मिला तो आपको उस जज्बे को नाम देना मुश्किल हो जाएगा। आपका रोम-रोम पुलकित हो जाएगा।
इस नए टीटी ने अपने पिछले वर्जन की जगह ली थी 2006 के आखिरी महीनों में। वैसे इस नए जमाने की कार में 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी का जबरदस्त इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से इसकी दीवानगी का नशा इतना तेज है। इसमें लोगों को रोमांचित कर देने की अनोखी काबलियत है। इस पर पहली नजर पड़ते ही रोमांच का अहसास होगा।
यह अहसास उस वक्त और भी तेज हो जाएगा, जब आप इसके इंजन की आवाज को सुनेंगे। जब यह गाड़ी सड़क पर दौड़ने लगेगी तो रोमांच का यह अहसास अपने चरम पर पहुंच जाएगा। टीटी कोई आम कार नहीं है, इसमें बैठते ही आप पॉवर का अहसास होता है।
यह अपने पुराने मॉडल से हर लिहाज में बड़ा है। इसलिए अब आपको इसके फ्रंटसीट पर ज्यादा आराम से बैठ सकते हैं। इसका व्हील बेस भी पहले की तुलना में बड़ा है, लेकिन इस कार में ज्यादा से ज्यादा से तीन लोग ही बैठ सकते हैं। वैसे तो ऑडी का दावा है कि इसमें चार आदमी बैठ सकते हैं।
कमाल की परफॉर्मेंस
अब जिस कार के इंजन की आवाज इतनी प्रभावित करने वाली हो, उस गाड़ी की परफॉर्मेंस पर भला कौन सवाल सकता है। ऑडी की दूसरी गाड़ियों की तरह ही टीटी का परफॉर्मेंस भी जबरदस्त है। इसके 3189 सीसी के मोटर में है चार कैमशॉफ्ट्स और 24 वॉल्व।
पता है, यह इंजन कितना बीएचपी का पॉवर देता है? पूरे 250 बीएचपी, वह भी 6300 रेवोल्यूशंस के आधार पर। इसी जबरदस्त इंजन से ही मिलती है 2500 से 3000 रोटेसन की जबरदस्त क्षमता। है न कमाल का? अभी रुकिए हुजूर, इसमें और भी कई खूबियां। इसमें है डयूल क्लच का सिक्स स्पीड गियरबॉक्स और क्वाटरो का परमानेंट फोर व्हील ड्राइव।
एक बार इसे ऑन कर दीजिए, फिर मजा तेज रफ्तार का। इसके बेहतरीन बनावट और उम्दा मेटिरियल के बावजूद आपको सड़क पर सरपट दौड़ते टायर की थिरकन का अंदाजा हो जाएगा। असल रोमांच तो यही है। हल्के से एक्सीलेटर पैडल को दबाएंगे तो इंजन की आवाज और हल्की सी थिरकन से आपको यह अंदाजा हो जाएगा कि इस कार को ड्राइव करने का रोमांच अलग ही है।
बस कार को एस मोड में डाल दीजिए और एक्सीलेटर को दबा दीजिए, एक पल के लिए लगेगा कि सारा शोर थम सा गया है, लेकिन तभी इस कार का इंजन इसे जैसे रॉकेट सी स्पीड दे देगा। अचानक आपके आस पास की सारी दुनिया पीछे की तरफ भागती नजर आने लगेगी। सचमुच वह काफी जबरदस्त अहसास लगता है।
लाजवाब कार
वैसे, अगर आप आंकड़ों पर भरोसा रखते हैं तो आपको बता दें कि वे इस मामले में आधी कहानी भी नहीं कहते। इस कार को 0 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने में सिर्फ और सिर्फ 3.8 सेकंड लगते हैं। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तो यह कार केवल 7.8 सेकंड में हासिल कर लेती है। मिड रेंज में तो इस टाइमिंग लाजवाब है।
इस कार में डैश बोर्ड पर 80-120 किलोमीटर की रफ्तार देखने के लिए आपको केवल 5.4 सेकंड ही लगेंगे। 100 से 140 की स्पीड में तो आप 6.8 सेकंड में ही पहुंच जाएंगे। हममें जितनी हिम्मत उतनी हिम्मत जुटाकर हमने एक्सीलेटर पैडल को पूरा दबा दिया और जल्द ही 220 किलोमीटर की स्पीड पर पहुंच गए। ज्यादातर इंजन तो टॉप स्पीड पर पहुंचकर हांफने लगते हैं, लेकिन कसम से इस कार के इंजन के साथ तो ऐसा लग रहा था कि वह अब भी और ज्यादा स्पीड दिला सकता है।
उस स्पीड में ऐसा लग रहा था जैसे कार ने अपने-आप को एयर डाइनेमिक शक्ल में ढाल लिया है। यह कमाल है उसके स्पेशल स्पोट्र्स सेटिंग का। अगर आपको लग रहा हो कि आप उस रफ्तार में कार को कंट्रोल नहीं कर पाएंगे, तो बस इसके सेंट्रल कंसोल पर लगे एक बटन को दबाकर आप इसके एडप्टिव डैम्पनिंग सिस्टम को एक्टीवेट कर सकते हैं।
फिर तो कार ही आपको बताएगा कि कैसे आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं। और हां, इसमें लगा है ऑटोमैटिक रिट्रक्टेबल रियर स्पॉलर, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर खुद ब खुद डॉउनफोर्स पैदा करने लगता है। आप चाहें तो इसे खुद भी एक्टीवेट कर सकते हैं। वैसे, अगर आप मुझसे पूछें तो मैं यही कहूंगा कि मुझे पता नहीं है कि मैंने इस खुद एक्टीवेट किया था या नहीं।
ऐसा इसलिए क्योंकि मेरी आंखे पूरी तरह से आगे रास्ते पर जमी हुई थी और हाथों से स्टीयरिंग व्हील को जोर से पकड़ रखा था। दरअसल, मैं काफी तेज रफ्तार में ड्राइव जो कर रहा था। डयूल क्लच गियर बॉक्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप जितनी बार चाहें गियर चेंज कर सकते हैं।
इंजन तो वाकई काफी दमदार और कमाल का है। एक शरारती बच्चे की तरह यह एक स्पीड पर रहना ही नहीं चाहता, भले ही आप कितनी भी कोशिश कर लें। इस हालत में आपकी मदद करता है इसका जबरदस्त क्रूज कंट्रोल, जो इस शरारती इंजन पर सख्त टीचर की तरह नजर रखता है।
स्टीयरिंग में है खामी
इसका स्टीयरिंग व्हील भी कमाल का है। इस थ्री स्पोक स्टीयरिंग को पकड़ना काफी आसान है। वैसे एक बड़ी खामी इस स्टीयरिंग की यह है कि यह शहर की गलियों में कम स्पीड पर आपके कंट्रोल को मानने साफ इनकार कर देगा। इस पर तो आपको भी हैरानी होगी कि इतनी अच्छी स्पोट्र्स कार के साथ ऑडी ऐसा कैसे कर सकता है।
हालांकि, शहर की सड़कों में यह काफी अच्छी तरह से चलती है, लेकिन फिर भी यह एक बड़ी खामी है। हालांकि, एक बार आपने इस स्टीयरिंग व्हील के मूड को समझ लिया तो इस कार को कंट्रोल करना कोई मुश्किल काम नहीं रह जाएगा।
वैसे, तेज रफ्तार में तो इसका कोई जवाब नहीं है। यह आपके हर मूव को अच्छी तरह से समझ लेगा और उसी के मुताबिक कार का कंट्रोल भी करेगा। घुमावदार रास्तों में भी आप इस स्टियरिंग व्हील की वजह से तेज रफ्तार में कार चला सकते हैं। यही बात तो पुरानी टीटी में नहीं थी। कमाल की चीज है न?
वैसे, मेरी तरफ से एक और सलाह यही होगी कि खराब सड़कों पर भूल से भी ऑटोमैटिक डैम्पनिंग सिस्टम को स्वीच ऑन न करें। मिसाल के तौर अगर आप मुंबई की सड़कों पर इस ऑन कर देंगे, तो आपकी यह प्यारी कार आपको नानी याद करवा देगी। बेहतर यही होगा कि इसे स्वीच ऑफ रखें, तभी राइड का पूरा लुत्फ उठा पाएंगे।
आरामदेह कार
इस कार की बनावट को देखकर ही लगता है कि ऑडी ने नए टीटी को पूरी तरह से ड्राइवर्स कार बनाने पर जोर दिया है। इस कार के लिए कंपनी ने सहारा लिया ऑडी स्पेस फ्रेम कॉन्सेप्टा का, जिसमें बॉडी बनाने के वास्ते इस्तेमाल किया जाता है हल्के और मजबूत एल्यूमिनियम का। लेकिन पहली बार ऑडी ने टीटी के कंस्ट्रक्शन में सहारा लिया स्टील का भी।
इसके पीछे आइडिया था कार को ज्यादा बैलेंस्ड बनाने का। साथ ही, इसमें इस्तेमाल किया गया है नए सस्पेंशन सिस्टम का। इसी वजह से तो इस कार को घुमावदार रास्तों पर मोड़ना इतना आसान हो जाता है। सामने की तरफ इस कार में एल्युमिनियम सब फ्रेम पर लगाया गया है लोअर एल्यूमिनियम विशबोन सस्पेंशन।
वहीं पीछे की लगाया गया है फोर लिंक सस्पेंशन का। यह पुराने टीटी के टोरशन बीम सेटअप से काफी जुदा है। घुमावदार रास्तों पर टीटी को चलाना सचमुच एक दिल खुश कर देने वाला अनुभव था। अगर स्टीयरिंग व्हील को छोड़ दें, तो ईसीपी और क्वाटटारो जैसी तकनीकी की वजह से यह काफी प्यारी कार बन जाती है। आपको इस कार को चलाने में वाकई काफी मजा आएगा। इसके इलेक्ट्रोनिक तकनीकों की वजह से आपके लिए इसे चलाना काफी आसान हो जाता है।
फैसले की घड़ी
इस कार में ऐसा लगता है जैसे इसे घुमावदार रास्तों से काफी मोहब्बत है। वैसे, यह शहरी ट्रैफिक में भी बिलकुल मक्खन की तरह चलती है। इसकी ग्रिप भी सड़क पर कमाल की है। साथ ही, ब्रेक्स की वजह से तो आपको ड्राइविंग का रोमांच हासिल होती है। अगर आप स्पीड लिमिट के अंदर ही कार चल रहें तो भी इसके इंजन की आवाज से आपका दिल खुश हो जाएगा।
उन लम्हों में किसी ऑडी के अंदर बैठने की खुशी का अंदाजा होता है। आप जब इसके एक्सीलेटर पैडल को दबाते हैं, तब तो दिल करता है कि उस आदमी का हाथ चूम लूं जिसने इसे बनाया। ऑडी ने भारत में टीटी 3.2 क्वारराटो वी 6 को अपने टॉप ऑफ द लाइन, एस-लाइन के तहत पेश किया। इस खरीदने के लिए आपको मुंबई में कम से कम 46 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
क्या हुआ, कीमत सुनकर दिल टूट गया? माना कि कीमत ज्यादा है, लेकिन वह कार इस कीमत की हकदार भी है। इसका इंटीरियर कमाल का है, जिसे कंपनी के कारीगरों ने लेदर से खुद अपने हाथों से सजाया है। साथ ही, इसमें है कमाल की आरामदेह सीट और एक बोस ऑडियो सिस्टम।
इस कार की क्वालिटी को देखकर इसे खरीदने वाले को कभी भी इस बात का दुख नहीं होगा कि उसने यह कार क्यों खरीदी? अगर आप टीटी को खरीदना चाहते हैं तो हमारी यह सलाह होगी कि यह एक कमाल की कार है। बस आधी रात में अचानक गहरी नींद से उठने के लिए तैयार रहें।