हाल ही में आमिर खान द्वारा अपने कुत्ते का नाम शाहरुख रखने के बाद से एक विवाद ने जो तूल पकड़ लिया था, उससे देश के टेबलॉयड अखबारों को बहुत शानदार मसाला मिल गया था।
इस मामले ने बॉलीवुड के दो बेहद अहम सितारों के बीच पुरानी प्रतिद्वंदिता को फिर से सामने ला दिया। इन दोनों सितारों की लड़ाई अब विज्ञापन जगत में भी दिखाई पड़ने लगी है। डीटीएच सेवा मुहैया कराने वाली टाटा स्काई ने आमिर खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। इससे पहले कंपनी के साथ किरण खेर, रितिक रोशन और परेश रावल जैसे नाम जुड़े रहे हैं लेकिन आमिर कंपनी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं।
टाटा स्काई के सीईओ और प्रबंध निदेशक विक्रम कौशिक का कहना है, ‘आमिर टाटा स्काई की ब्रांड वैल्यू जिसमें विश्वास, उच्च स्तरीय मनोरंजन और नये विचारों के एकदम मुफीद बैठते हैं।’ अपने जरिये वह देश भर के लोगों को टाटा स्काई की खूबियों को बता पाने में सफल रहेंगे। दूसरी ओर सुभाष चंद्रा की डीटीएच कंपनी ‘डिश टीवी’ ने हाल ही में शाहरुख को लेकर एक बड़ा प्रचार अभियान चलाया हुआ है। कंपनी का विज्ञापन भी हिट साबित हुआ है जिससे डिश टीवी के ग्राहकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। लेकिन अब कंपनी को आमिर की वजह से तगड़ी चुनौती मिलने जा रही है।
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब दोनों में किसी ब्रांड के प्रोमोशन को लेकर टकराहट छिड़ी है। इसमें घड़ी, कार, पेय पदार्थ, बिस्कुट और मोबाइल हैंडसेट जैसी चीजें शामिल हैं। यह लड़ाई सबसे पहले तब सामने आई थी जब शाहरुख के पेप्सी वाले विज्ञापन के जवाब में कोका कोला ने आमिर का विज्ञापन का जारी किया था। शाहरुख और आमिर दोनों एक तरह के प्रोडक्ट के लिए विज्ञापन करते हैं लेकिन फिर भी वे दोनों एक दूसरे से बेहद अलग हैं। शाहरुख खान फैमिली ड्रामा और कॉमेडी कैरेक्टर के लिए बहुत सूट करते हैं।
जहां तक आमिर की बात है वह हमेशा वैचारिक स्तर की फिल्में ही बनाना पसंद करते हैं। शाहरुख खान तो बड़े पर्दे, टेलीविजन,स्टेज शो और फिल्म अवार्ड फंक्शन में हमेशा नजर आने वाले सितारे हैं। आमिर एक समय में एक से ज्यादा फिल्में नहीं बनाते हैं और अक्सर वह अवॉर्ड फंक्शन में जाना पसंद नहीं करते हैं। हालांकि शाहरुख खान जहां एक ब्रांड के लिए 8 से 10 करोड़ रुपये वसूल लेते हैं वहीं आमिर 4 से 6 करोड़ में ही मान जाते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि इन दोनों सितारों में जो फर्क है वह जल्द ही खत्म हो जाएगा। इसकी वजह यह है कि आमिर खान की हालिया फिल्मों ने अच्छा कारोबार किया और वे हिट भी रही मसलन ‘रंग दे बसंती’, ‘तारे जमीं पर’ और अब ‘जाने तू या जाने ना’। फ्यूचर ब्रांड के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष देसाई का कहना है, ‘कोई भी विज्ञापनदाता उन्हीं चेहरों से जुड़ना पसंद करता है जिनकी मास अपील होती है और जो कई रेंज के प्रोडक्ट्स के लिए विज्ञापन कर सकते हैं।
इस लिहाज से मुझे लगता है कि आमिर इसके लिए सबसे बेहतर हैं और अब वे ब्रांडों के साथ अपना तालमेल भी बढ़ा रहे हैं इसीलिए विज्ञापनदाता भी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं।’ मुद्रा के एक्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर का कहना है, ‘आमिर कई तरह की भूमिकाओं को निभाते हैं इसी वजह से वह प्रोडक्ट की डिमांड के मुताबिक आसानी से किसी कैरेक्टर में फिट बैठते हैं। इसी वजह से विज्ञापनदाताओं का रुझान उनकी ओर बढ़ रहा है।’ दूसरी ओर टैबलॉयड में शाहरुख खान के बारे में इस तरह की चर्चाएं जरूर गर्म होती रहेंगी कि शाहरुख अपने लिए एक कुत्ता रखेंगे और उसका नाम क्या रखेंगे।