देश में प्रबंधन पाठयक्रम का सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईएम, अहमदाबाद का अपने छात्रों को नए-नए तरीकों से सिखाने के लिए दुनिया भर में नाम है।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच काफी नामी यह संस्थान अपने छात्रों को इंटर्नशिप के लिए माकपा जैसे घोर कम्युनिस्ट पार्टी के पास भेज चुका है। अब उन्हें पूर्व राष्ट्रपति कलाम से पढ़ने का मौका भी मिलेगा। ‘मिसाइल मैन’ और पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम छात्रों को नई सोच और नेतृत्व क्षमता के गुर सिखाएंगे।
गौरतलब है कि कलाम को 30 से अधिक विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि मिली है। राष्ट्रपति पद की गरिमा बढ़ा चुके डॉ. कलाम अब नेतृत्व क्षमता और विजन 2020 जैसे बड़े मुद्दे पर छात्रों से बात करेंगे, जिससे भारत को विकसित बनाने में मदद मिल सके। नीतिगत विश्लेषण और नई सोच के इस कोर्स में छात्र क्लासरूम में पाठ पढ़ेंगे ही, साथ ही उन्हें इस बारे में प्रोजेक्ट वर्क भी दिया जाएगा। और तो और, स्टूडेंट जो प्रोजेक्ट तैयार करेंगे, उन्हें संसद में स्वीकृति के लिए पेश भी किया जाएगा।
अगर वह प्रोजेक्ट वर्क सांसदों को पसंद आ गए तो उन्हें नीतियों की शक्ल देकर लागू कराने की बात भी हो सकती है। आईआईएम के फैकल्टी मेंबर अनिल गुप्ता के साथ मिलकर डॉ. कलाम इस नए पाठयक्रम को पीजीपीएम, पीजीपी-एबीएम, पीजीपी-पीएमपी और पीजीपीएक्स जैसे कोर्सेज में लागू किया जाएगा। कोर्स के सेकेंड टर्म के दौरान दोनों साथ मिलकर ‘ग्लोबलाइजिंग रिसर्जेंट इंडिया थ्रू इनोवेटिव ट्रांसफॉरमेशन (ग्रिट)’ नाम के पाठयक्रम की शुरुआत दोनों साथ मिलकर करेंगे। गुप्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कुछ दिनों पहले ही पीजीपी और पीजीपी-एबीएम कोर्स कमिटी ने ग्रिट के लिए मान्यता दी है।
गुप्ता का कहना है, ‘इस कोर्स को पूर्व राष्ट्रपति की सलाहों को ध्यान में रखकर बनाया गया था, लेकिन इसे ऑफर करने से पहले कोर्स कमिटी की मान्यता मिलने का इंतजार किया जा रहा था। अब कमिटी ने इस कोर्स के लिए मान्यता दे दी है इसलिए डॉ. कलाम कैं पस में तीन दफे दिशा-निर्देश देने के लिए आएंगे। यह वैकल्पिक पाठयक्रम सभी पीजी पाठयक्रमों के छात्रों के लिए खुला होगा।
शायद पूर्व राष्ट्रपति किसी पूर्णकालिक पाठयक्रम के लिए पहली बार विजिटिंग फैकल्टी के तौर खुद को पेश करेंगे।’ चूंकि ग्रिट को पीजी पाठयक्रम के सभी छात्रों के लिए वैकल्पिक कोर्स के तौर पर ऑफर किया जाएगा, इसलिए संस्थान ने इसके लिए महज 70-80 सीट ही रखी हैं। ग्रिट कोर्स की पढ़ाई की शुरुआत सेकंड टर्म में सिंतबर और नवंबर के बीच होगी, लेकिन उसके लिए रजिस्ट्रेशन का काम अगस्त में ही शुरू होने की संभावना है।