आजकल ट्रैवल पोर्टल और होटल चेन कई दिनों से पूरी दुनिया में वर्चुअल टूर करा रही हैं। इस तरह के टूर में अब आपको किसी मैगजीन या अखबार में समीक्षा पढ़ने के बजाय आप फोटोग्राफ और ऑडियो के जरिये टूर का मजा ले रहे हैं।
आप प्रिंट में किसी पर्यटन स्थल की समीक्षा से स्थान का बेहतर अंदाजा नहीं कर सकते और उस जगह की खासियत का अहसास भी आपको नहीं मिल पाएगा। पर्यटन स्थल को ज्यादा मशहूर बनाने के मद्देनजर कंपनियों ने एक कदम आगे बढ़ाकर मार्केटिंग करने का फैसला लिया है। इसके लिए टूर का प्रबंधन करने वाली कंपनियां वीडियो, वीडियो रिव्यू और वीडियो ब्लॉग के जरिए मार्केटिंग कर रही हैं।
इस तरह के वीडियो ट्रैवल एजेंसी के लोग भी खुद ही लगाते हैं या फिर ट्रैवल एजेंसी के पोर्टल पर यात्री भी इस तरह के वीडियो डाल देते हैं। दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे यूटयूब और एओएल वीडियो भी इस तरह के वीडियो दिखा रहे हैं। पर्यटन से जुड़ी दुनिया की कई होटल चेन भी अपनी वेबसाइट पर इंटीरियर डेकोरेशन से साथ होटल की कई चीजों का वीडियो नियमित रूप से अपलोड करती हैं। भारत के ट्रैवल पोर्टल और होटल चेन भी इस तरह की चीजों को अपनाने की कोशिश कर रही हैं।
हालांकि ऐसे ट्रैवल पोर्टल बहुत कम हैं जिनका अपना वीडियो सेक्शन भी है। इस मामले में एक वेबसाइट है- क्लीयरट्रिप डॉट कॉम जिसने मई में क्लीयरट्रिप वीडियो को इसमें शामिल किया है। इसमें फीचर आधारित शार्ट वीडियो कुछ नए शौकीन फिल्मकारों ने बनाया है। इन फिल्मकारों ने फ्रांस में क्लियरट्रिप द्वारा शार्ट फ्लीक्स फेस्टीवल में हिस्सा लिया था। इस तरह के वीडियो में किसी खास जगह के बेहतर रेस्तरां, वहां की घूमने वाली जगह और कु छ अनोखे तथ्यों का जिक्र होता है।
भारत में ट्रैवल के लिए खासतौर पर बनाया गया सर्च इंजन जूमतरा डॉट कॉम के निदेशक विकास जावा का कहना है, ‘होटल वीडियो और टूरिस्ट को आकर्षित करने वाले वीडियो देखने की मांग सबसे ज्यादा है। दुनिया में किए गए अध्ययन के मुताबिक इस तरह के वीडियो के जरिए ग्राहकों को पर्यटन स्थल की जानकारी देने को सबसे बेहतर रेटिंग दी जाती है। इसके अलावा भी कुछ दूसरी खास चीजें हैं, मसलन किसी होटल के लोकेशंस से लेकर किराये तक की पूरी जानकारी मिल जाती है।’
हॉस्पिटैलिटी सेल्स ऐंड मार्केटिंग एसोसिएशन इंटरनेशनल के मुताबिक अमेरिका में दो-तिहाई छुट्टियों में जाने वाले वयस्क पर्यटक ऑनलाइन वीडियो क्लिप्स देखते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के वीडियो को देखने और उसे पोस्ट करने वालों में सबसे ज्यादा लोग 18 से 29 साल के लोग शामिल हैं। छुट्टियों में यात्रा करने वाले ज्यादातर यात्री कारोबारी यात्रियों के मुकाबले वैल्यू प्रोडक्ट खरीदने पर ज्यादा जोर देते हैं। यात्रा डॉट कॉम के मार्केटिंग चीफ निखिल रुंगटा का कहना है, ‘आजकल लोगों को ऑनलाइन बुकिंग से काफी सहूलियत मिलती है और वीडियो के जरिए मार्केटिंग भी काफी तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि वीडियो के जरिए किसी सामान को खरीद लेने की प्रबल इच्छा पैदा हो, ऐसा जरूरी नहीं है लेकिन खरीदारों के दिमाग में इससे कई तरह के विकल्पों को चुनने में मदद तो मिलती ही है।’ यात्रा ने समीक्षा वाली अलग साइट बनाई है राही डॉट कॉम। इस साइट पर होटल और पर्यटन से संबधित वीडियो भी है। अमेरिका की ग्लोबल ट्रैवल ऐंड टेक्नॉलजी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी गैलीलियो भी अपने गैलिलियो पॉडकॉस्ट प्रोग्राम की सफलता का अनुसरण कर रही है। यह प्रोग्राम इस जून में भारत में भी लॉन्च किया गया। इस साल के अंत तक उनकी योजना वीडियो पॉडकॉस्ट लॉन्च करने की है।
जो यात्री इन साइट और ट्रैवेल पोर्टल्स पर अपने वीडियो रिव्यू पोस्ट करते हैं उनका भी फायदा है। ट्रिपर डॉट टीवी वेबसाइट भी उत्साही लोगों को होटल आदि की वीडियो रिव्यू पब्लिश करने की इजाजत देती है। जब उस वीडियो के जरिए लोग उसके लिए बुकिंग करते हैं तब वीडियो पोस्ट करने वालों को कमीशन फीस भी मिलती है। केपीएमजी एडवाइजरी सर्विसेज के जयदीप घोष का कहना है, ‘यह ट्रेंड भारत में थोड़ा नया है। यहां टै्रवल पोर्टलों ने अपने ऑनलाइन कारोबार की भरपाई के लिए रिटेल आउटलेट भी खोलते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैवल पोर्टल को देखने और वास्तविक बिक्री का अनुपात 2:1 है।