महाराष्ट्र सरकार द्वारा रिटेल चेनों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए शुरू किए गए ‘काउंटर सेल्स’ नाम के कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली है।
पहले बैच के तकरीबन 2,000 छात्र इस कोर्स को करने के बाद रिटेल आउटलेटों में नौकरी पाने में कामयाब रहे हैं। ये छात्र अब रिलायंस रिटेल, शॉपर्स स्टॉप और बिग बाजार जैसे रिटेल आउटलेटों में नौकरी करके 5,000 से 7,000 रुपये महीना तक कमा रहे हैं।
वोकेशनल ट्रेनिंग के निदेशक जे डी बोटांग का कहना है कि आने वाले पांच साल में रिटेल उद्योग में 25 लाख लोगों की जरूरत होगी। वह बताते हैं कि केवल महाराष्ट्र में ही रिटेल उद्योग में आने वाले पांच साल में तकरीबन 3 लाख लोगों की जरूरत होगी। उनका मानना है कि अभी कंपनियां काम के दौरान ही कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रही हैं जिसमें काफी समय खर्च होता है।
उनका कहना है कि इस मौके को रोजगार दिलाने के बड़े मौके के रूप में बढ़िया ढंग से भुनाया जा सकता है क्योंकि प्रशिक्षित कर्मचारी कंपनियों के लिए बेहतर साबित होंगे। वह यह बताना भी नहीं भूलते हैं कि महाराष्ट्र सरकार देश में पहली राज्य सरकार है जिसने इस तरह का कोर्स शुरू किया है। फिलहाल 6 महीने का यह कोर्स मुंबई और पुणे की 15 आईटीआई में चलाया जा रहा है इसके अलावा जल्द ही राज्य के दूसरे हिस्सों में स्थित आईटीआई में इस कोर्स को चलाया जाएगा।
इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए सिर्फ एक प्रवेश परीक्षा देनी होती है और उसके बाद साक्षात्कार होता है। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि इसमें छात्रों को कोई फीस नहीं देनी पड़ती। बल्कि कोर्स के दौरान छात्रों को प्रतिमाह हजार रुपये के हिसाब से वजीफा मिलता है। छह महीने के इस कोर्स को दो हिस्सों में बांटा गया है, पहला तो ‘क्लासरूम ट्रेनिंग’ और दूसरा ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’।
उनका कहना है कि क्लासरूम ट्रेनिंग के दौरान हम छात्रों को अच्छे परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, साथ ही ग्राहकों को बढ़िया ढंग से डील करने के बारे में प्रशिक्षण देते हैं। इसके अलावा उनको बढ़िया अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण दिया जाता है साथ ही कपड़े, उपभोक्ता वस्तुओं जैसी चीजों की बिक्री के लिए उनके मॉर्क टेस्ट भी किए जाते हैं। और जहां तक ऑन जॉब ट्रेनिंग की बात है तो इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने रिलायंस रिटेल, पेंटालून और शॉपर्स स्टॉप जैसी रिटेल कंपनियों से गठजोड़ कर रखा है।
राज्य सरकार की रिटेल उद्योग के लिए स्टोर प्रबंधन और ढुलाई प्रबंधन जैसे कोर्स भी शुरू करने की योजना भी है। राज्य के उच्च शिक्षा और तकनीकी मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि वक्त के साथ बदलती जा रही अर्थव्यवस्था में प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन जैसे परंपरागत कोर्स ही काफी नहीं हैं। इसलिए वक्त के साथ ताल मिलाने के लिए नये तरह के कोर्स शुरू करना बेहद जरूरी है ताकि युवाओं को रोजगार मिलने में दिक्कत न हो।
पाटिल का कहना है कि सेवा क्षेत्र में नागरिक उड्डयन और रिटेल बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इन दोनो ही क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार दिलाने की कूव्वत है। इसलिए ही सरकार ने पिछले साल एयरक्राफ्ट मेंटीनेंस और ग्राउंड ऑपरेशन जैसे कोर्स शुरू किए थे और अब रिटेल के लिए भी कोर्स शुरू किया जा चुका है। लेकिन क्या ये कोर्स वास्तव में उद्योग जगत के लिए फायदेमंद हैं?
बिग बाजार रिटेल चेन के मुख्य कार्यपालक राजन मल्होत्रा कहते हैं कि वास्तव में प्रशिक्षित लोगों की जरुरत है लेकिन यह और भी जरूरी हो जाता है कि वे इन कंपनियों के लिए कितने मुफीद साबित होते हैं।
(साथ में राघवेंद्र कामत)