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नेट पर बढ़ता जोड़ियां बनाने का कारोबार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 3:04 PM IST

कहावत है कि रिश्ते स्वर्ग में बनते हैं। लेकिन आज के ऑनलाइन युग में इस कहावत पर इंटरनेट हावी होता जा रहा है।


ऐसे दर्जनों वैवाहिक पोर्टल हैं जिन पर माउस क्लिक कर युवक और युवतियां अपने जीवनसाथी तलाश रहे हैं। ऐसे में इन मैट्रिमोनियल वेबसाइटों का कारोबार दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है।

इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएमएआई) की वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में इन साइट्स के जरिये शादी रचाने का ग्राफ 50 फीसदी बढ़ा है। पिछले कुछ समय में लड़कियों द्वारा ऐसी वेबसाइटों के इस्तेमाल में भी इजाफा हुआ है। आईएमएआई के मुताबिक इंटरनेट के जरिये अपना जीवनसाथी ढूंढ़ने वाली लड़कियों में ज्यादातर लड़कियां काफी पढ़ी लिखी होती हैं।

कौन हैं बड़े खिलाड़ी

मैट्रिमोनियल्स साइट्स में शादी डॉट कॉम, जीवनसाथी डॉट कॉम, सिम्प्लीमैरी डॉट कॉम, लाइफपार्टनरइंडिया डॉट कॉम , मैट्रिमोनियल्सइंडिया डॉट कॉम, भारतमैट्रिमोनी डॉट कॉम जैसी सैकड़ों वेबसाइट शुमार हैं। जीवनसाथी डॉट कॉम पर 10 लाख प्रोफाइल मौजूद हैं और इसके पूरे भारत में 35 दफ्तर हैं।
इस वेबसाइट का मुख्यालय नोएडा में है।

चेन्नई की वैवाहिक वेबसाइट भारतमैट्रिमोनी डॉट कॉम की सफलता से उत्साहित होकर इसमें दो वैश्विक कंपनियां याहू इंक और कैनान पार्टनर्स भारी-भरकम निवेश भी कर चुकी हैं। लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्र्स में जगह बनाने वाली भारतमैट्रिमोनी डॉट कॉम वैश्विक तौर पर 1.2 करोड़ से भी अधिक सदस्यों का आंकड़ा पार कर चुकी है।

मैट्रिमोनियल साइट्स के बाजार पर बड़ी भागीदारी रखने वाली शादी डॉट कॉम तो अपने ग्राहकों के लिए चैटिंग के अलावा अपनी वेबसाइट एस्ट्रोलाइफ डॉट कॉम के जरिये ज्योतिष सेवा भी मुहैया कराती है। विधवाओं और तलाकशुदा लोगों के लिए भी एक वेबसाइट मौजूद है। सेकंडशादी डॉट कॉम नामक यह साइट उन लोगों के सपने पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाती है जो शादी के इंतजार में उम्रदराज हो चुके हैं।

जीवनसाथी डॉट कॉम के बिजनेस हेड विवेक खरे ने एक ई-मेल साक्षात्कार के जरिये बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हमारे राजस्व में तेज इजाफा हो रहा है। हमारी वेबसाइट के जरिये रोजाना 10 जोड़े परिणय सूत्र में बंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम इस बात से बेहद खुश हैं कि हमारी साइट के जरिये शादी रचाने वाले हमारे उपभोक्ता हमें लिख कर इससे अवगत कराते हैं। सफलता के सैकड़ों उदाहरण हमारी साइट पर उपलब्ध हैं।

खरे ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमने हाल ही में दिल्ली और लखनऊ में जीवनसाथी मैच प्वाइंट्स शुरू किए हैं। जीवनसाथी डॉट कॉम मैच प्वाइंट हमारी ऑनलाइन मैचमेकिंग सेवा के विस्तार की हमारी रिटेल पहल है। अगले 6 महीनों में पूरे भारत में 25-30 जीवनसाथी डॉट कॉम मैच प्वाइंट खोले जाने की योजना है। हम ग्राहकों की प्रतिक्रिया के मुताबिक अपनी साइट लगातार नई सुविधाएं पेश करते रहे हैं।

कैसे होता है कारोबार

शादी के लिए अकाउंट खोलते समय इच्छुक युवक-युवतियों को अपना ब्यौरा पेश करना होता है जिसमें जाति, पेशा, लंबाई-चौड़ाई आदि की जानकारी शामिल होती है। कुछ मैट्रिमोनियल साइट यह सेवा नि:शुल्क प्रदान करती हैं। लेकिन ये वेबसाइट विज्ञापनों के जरिये मोटी कमाई करने में पीछे नहीं रहतीं।

वहीं अन्य कुछ वेबसाइट इसके लिए शुल्क वसूलती हैं। इसके लिए तीन महीने के लिए औसतन 250 रुपये से 500 रुपये, 6 महीने के लिए 750 रुपये से लेकर 4,000 रुपये और एक साल के लिए औसतन  4,000 से 5,000 रुपये  सदस्यता शुल्क के तौर पर लिए जाते हैं। पिछले 11 वर्षों से सेवा मुहैया करा रही शादी.कॉम का सदस्यता शुल्क तीन महीने के लिए 1950 रुपये, 6 महीने के लिए 2250 रुपये और 12 महीने के लिए 4450 रुपये है।

शादी.कॉम के बिजनेस हेड विभास मेहता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘ऑनलाइन मैट्रिमोनी का उद्योग तकरीबन 140 करोड़ रुपये का है और अगले एक साल में यह 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगा। शादी डॉट कॉम के सदस्यों की संख्या एक करोड़ से अधिक है और इस में साल दर साल 100 फीसदी की दर से इजाफा हो रहा है।

हमारी साइट पर रोजाना तकरीबन 8,000 नए प्रोफाइल बनते हैं यानी हर महीने हमारी साइट से 2.5 लाख से अधिक लोग जुड़ते हैं।’ उन्होंने बताया कि हम अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार नए माध्यमों की संभावना तलाशते रहे हैं। विस्तार की कड़ी के रूप में हमने हाल ही में डिश टीवी के साथ गठजोड़ किया है।

बड़े लोगों पर भी है नजर

अहमदाबाद की क्लासिक डॉट कॉम ने वीवीआईपी के बेटे-बेटियों के लिए भी विशेष सदस्यता शुल्क निर्धारित कर रखा है। यह वेबसाइट आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि के लिए वर-वधु की तलाश के लिए 50,000 रुपये तक का सदस्यता शुल्क वसूलती है। इसके सदस्यों की सूची में भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया जैसे देशों के सदस्य शामिल हैं।

सफलता की दर

जीवनसाथी डॉट कॉम के मुताबिक उसकी वेबसाइट के जरिये रोजाना 10 जोड़े परिणय सूत्र में बंध रहे हैं। इसी तरह शादी डॉट कॉम के जरिये अब तक तकरीबन 815,026 युवक-युवतियां परिणय सूत्र में बंध चुके हैं। शादी डॉट कॉम के बिजनेस हेड के मुताबिक उनकी साइट के जरिये शादी रचाने वाले उनके ग्राहकों की संख्या इससे कहीं अधिक होगी, क्योंकि साइट के  जरिये शादी रचाने वाले सदस्यों मे से कुछ इसकी जानकारी हमें नहीं देते।

कुछ हिदायतें भी

हो सकता है कि कोई लड़की या लड़का जैसा आपको बता रहा है या लिख रहा है, वास्तविक जीवन में वह वैसा न हो। इसलिए शादी जैसा जीवन का अहम फैसला काफी सोच-समझ कर और तहकीकात करने के बाद ही लें। जल्दबाजी में लिया गया शादी का फैसला आपका भविष्य अंधकारमय बना सकता है। शादी आपके लिए बरबादी का कोई पैगाम न लेकर आए इसके लिए आपको सर्तक जरूर होना चाहिए।

First Published : August 5, 2008 | 11:07 PM IST