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सुहाने मौसम में क्रिकेट का मजा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 8:43 PM IST

मई में हुई बीसीसीआई के प्रीमियर लीग को जब उम्मीद से अधिक सफलता मिली तो माना गया कि इसके बाद प्रतिद्वंद्वी लीग यानी इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) का भविष्य अंधेरे में है।


ऐसी धारणाओं को तोड़ते हुए सुभाष चंद्रा का एस्सेल समूह 10 अक्टूबर से आईसीएल का एक और सत्र शुरू करने जा रहा है जो 29 नवंबर को खत्म होगा। यह वह वक्त होगा जब देश में त्योहारों का दौर चल रहा होगा और इस दौरान मौसम भी आमतौर पर सुहाना ही रहता है।

इस टूर्नामेंट के लिए एस्सेल समूह 60 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इसके लिए अहमदाबाद में एक नया स्टेडियम तैयार किया गया है। आक्रामक प्रचार के लिए एफसीबी उल्का ने एक महंगा मार्केटिंग कैंपेन तैयार किया है। मल्टी मीडिया कैंपेन अगले हफ्ते जारी किया जाएगा जिसमें खिलाड़ियों, स्थानीय प्रतिभाओं, एस्सेल समूह और आईसीएल से संबंधित जानकारी होगी।

आईसीएल के मैचों का सीधा प्रसारण जी समूह के चैनलों, टेन स्पोट्र्स और जी स्पोट्र्स पर किया जाएगा। एस्सेल समूह से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एक मुख्य प्रायोजक (10 से 15 करोड़ रुपये) और चार सहायक प्रायोजकों (5 से 10 करोड़ रुपये) के लिए कुछ कंपनियों से बात चल रही हैं। पंचकूला, हैदराबाद और गुड़गांव के बाद अहमदाबाद चौथा स्थान है जहां पर आईसीएल के मैच आयोजित होंगे।

आईसीएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (विपणन और परिचालन) एस पटेल का कहना है, ‘हम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के विज्ञापनदाताओं से बातचीत कर रहे हैं और इस मामले में जल्द ही कोई घोषणा होगी।’ फिलहाल तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विज्ञापनदाता आईसीएल में पैसा लगाना चाहेंगे? एक बात तो यह कि कंपनियों के विज्ञापन बजट में कुछ कमी आई है।

दूसरी बात यह है कि पिछले सीजन में आईसीएल ने कोई धमाल नहीं मचाया। जी स्पोट्र्स और बाद में टेन स्पोट्र्स पर दिखाए गए आईसीएल के मैचों की रेटिंग महज 0.6 से 1 फीसदी के बीच में रही। आईपीएल की वजह से सामान्य मनोरंजन चैनलों की दर्शक संख्या में कमी आ गई थी।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस बार आईसीएल का दांव कामयाब हो सकता है क्योंकि कंपनियां अपने विज्ञापन बजट का दो तिहाई हिस्सा इन्हीं दो महीनों के दौरान खर्च करती हैं। दीवाली के दौरान कंपनियों में विज्ञापन देने के लिए होड़ मची रहती है।

दिल्ली के एक मीडिया प्लानर का कहना है, ‘अगर आईसीएल 2 फीसदी रेटिंग बटोरने और उसको कायम रखने में कामयाब रहता है तो कुछ बड़े ब्रांड आईसीएल पर दांव लगा सकते हैं। साथ ही कुछ क्षेत्रीय विज्ञापनदाता भी इसके साथ जुड़ सकते हैं।’ इस बार आईसीएल पर अपेक्षाओं का बहुत बोझ नहीं है, इसलिए कई स्तरों पर  प्रदर्शन सुधारने का बढ़िया मौका है।

एक मीडिया विश्लेषक का मानना है, ‘अगर ऐसा होता है तो विज्ञापनदाता भी आईसीएल पर जरूर मेहरबान होंगे।’ विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी रसना, मिनरल वाटर बनाने वाली कंपनी आवा और आइसक्रीम कंपनी वाडीलाल आईसीएल की अहमदाबाद रॉकेट टीम को प्रायोजित करने जा रही हैं।

First Published : September 10, 2008 | 11:54 PM IST