भारत में अतिथि सत्कार उद्योग (हॉस्पिटेलिटी) तेजी से पांव पसार रहा है, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत से अधिक की दर से रोजगार बढ़ रहा है।
इस उद्योग में करीब 4.1 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है और उम्मीद की जा रही है कि 2013 तक दहाई अंकों की वृध्दि दर बरकरार रहेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) ने इस क्षेत्र में मानव संसाधन की मांग पूरी करने के क्षेत्र में कदम रखा है।
दिल्ली का स्माइल फाउंडेशन, स्थानीय एनजीओ के सहयोग से देश भर में युवकों को प्रशिक्षित कर रहा है। स्माइल फाउंडेशन के स्माइल टि्वन ई-लर्निंग प्रोग्राम में देश भर में 50 सहयोगी संस्थान हैं, जो युवाओं को अतिथि सत्कार क्षेत्र में उद्योग जगत की मांग के मुताबिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। एक साल के भीतर देश भर में 2000 से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
अतिथि सत्कार क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं शिक्षा से जुड़े स्विटजरलैंड के लॉरेट हास्पिटलिटी एजूकेशन के वाइस प्रेसीडेंट माइकल हकाबे का कहना है, ‘भारत में अतिथि सत्कार उद्योग अगले 10 साल में 15 हजार अरब रुपये का हो जाएगा। इसमें अस्पताल, रियल एस्टेट, थीम पार्क, कार्यक्रमों का प्रबंधन (इवेंट मैनेजमेंट), होटल, रेस्टोरेंट, रिटेल कारोबार क्षेत्र आदि शामिल हैं।’
अतिथि सत्कार उद्योग में मांग के मुताबिक प्रशिक्षित कर्मचारियों की जबरदस्त किल्लत है। इसी को ध्यान में रखते हुए वंचित युवक-युवतियों को प्रशिक्षित करने का काम चल रहा है। स्माइल फाउंडेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नरेश चौधरी ने कहा, ‘हमने इस क्षेत्र में एक साल पहले कोशिश शुरू की थी, जिसके बेहतर परिणाम आ रहे हैं।
अभी तक देश भर के 22 राज्यों में 50 स्थानीय एनजीओ की मदद से प्रशिक्षण का काम चल रहा है। इसके बेहतर परिणाम को देखते हुए भविष्य में प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या 100 तक किए जाने की योजना है। इसके साथ ही इस उद्योग, खासकर रिटेल क्षेत्र में कंपनियों से बातचीत की जा रही है, जिससे उनकी मांग के मुताबिक युवकों को प्रशिक्षण दिया जाए और छह महीने के प्रशिक्षण के बाद ही उनके हाथों को रोजगार मिल सके।’
स्वयंसेवी संस्थाओं की यह कोशिश रहती है कि वे ऐसे युवकों का चयन करें, जिन्हें रोजगार की बहुत ज्यादा जरूरत हो। कंपनियों की भी यही मांग रहती है, जिससे वे गंभीरता से काम करें। इसी को ध्यान में रखते हुए स्माइल फाउंडेशन ने दिल्ली सहित देश के विभिन्न इलाकों में अपने प्रशिक्षण केंद्र खोले हैं।
खास बात यह है कि यहां पर शिक्षा पाने वाले छात्र वंचित तबके के हैं, जिनके लिए उच्च और आधुनिक शिक्षा सपने के समान है। दिल्ली के आश्रम इलाके में प्रशिक्षण पा चुके हरदीप का कहना है कि यहां पर पढ़ाई करने के बाद आत्मविश्वास आया है और उम्मीद है कि जल्द ही जीवन यापन योग्य नौकरी मिल जाएगी।
आईसीआईसीआई बैंक में टेली कॉलर की नौकरी करने वाली अभिलाषा कहती है कि उनके लिए इतने बड़े बैंक में नौकरी पाना सपने जैसा था। अगर हमें एनजीओ के माध्यम से शिक्षा नहीं मिल पाती तो अपने खर्च पर पढ़ाई कर पाना भी संभव नहीं था। स्माइल फाउंडेशन के प्रबंधन से जुड़ी सुमिता राठौर बताती हैं कि इंटर तक की शिक्षा प्राप्त छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल किया जाता है।
इन्हें प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी बोलने, कंप्यूटर का प्रशिक्षण, टैली और ग्राहकों से बोलचाल के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे इस उभरते क्षेत्र में प्राथमिक स्तर पर काम करने के काबिल हो सकें।
स्माइल फाउंडेशन ने एक साल के दौरान दिल्ली के विभिन्न 7 केंद्रों से 623 बच्चों को शिक्षा दी है, जिनमें से 459 को नोकिया, एचडीएफसी बैंक, बिग बाजार, कैफे, वेस्टसाइड, स्पेंसर्स और फन सिनेमा आदि में नौकरियां मिल चुकी हैं। अब अगले बैच में करीब 1100 छात्रों ने प्रवेश लिया है।
बेहतरीन कोशिश
देश भर में 50 स्वयंसेवी संस्थाएं दे रही हैं वंचितों को अतिथि सत्कार उद्योग में काम करने का प्रशिक्षण
जानकारों के मुताबिक इस क्षेत्र का कारोबार 2012 तक 15 हजार अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान