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बड़े पर्दे पर देखिए सास-बहू और सेंसेक्स

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 8:05 PM IST

अंजू मखीजा हैं तो कवि और नाटय लेखक लेकिन वह शेयर बाजार में भी कई बरसों से अपनी किस्मत आजमा रही हैं। उनकी रणनीति है: अच्छे शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करो।


शेरोन प्रभाकर एक्टर और म्यूजिशियन हैं, उनके पास छोटी अवधि के साथ-साथ दीर्घ अवधि का पोर्टफोलियो भी है। साथ ही वह वायदा कारोबार में भी दांव लगा लेती हैं। अभिनेता फारूख शेख मानते हैं कि उनकी पत्नी की शेयर बाजार में बहुत दिलचस्पी है। वह कहते हैं कि वह जिसमें भी निवेश करती हैं, उससे बढ़िया मुनाफा भी मिलता है।

ये तो महज बानगी भर हैं, हकीकत तो यही है कि आजकल की गृहणियां घर को संभालने के साथ-साथ शेयर बाजार में भी आक्रामक रूप से निवेश कर रही हैं। बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव ने कुछ निवेशकों को तो डरा दिया है, वहीं कुछ महिलाएं निवेश करने के लिहाज से इस अवसर को बढ़िया मानकर निवेश करने में लगी हैं।

बॉलीवुड किसी भी ट्रेंड को भुनाने में पीछे नहीं रहा है, भला इस ट्रेंड को बॉलीवुड में कैसे नहीं भुनाया जाता? फिल्म निर्देशक शोना उर्वशी ने ‘सास, बहू और सेंसेक्स’ नाम की फिल्म बनाई है जो 19 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। शहरी मध्य वर्ग की महिलाओं पर आधारित इस कॉमेडी फिल्म में गृहणियों से लेकर दादियों तक का शेयर बाजार प्रेम दिखाया जाएगा। उर्वशी खुद शेयर बाजार में निवेश करती हैं।

फिल्म बनाने के विचार के बारे में उन्हें कहां से प्रेरणा मिली? इस सवाल के जवाब में उनका यही कहना है कि उन्होंने किटी पार्टी में महिलाओं का शेयर बाजार में पैसा लगाने के लिए पैसा इकट्ठा करते हुए देखा। गौरतबल है कि पिछले कुछ वर्षों में ‘सेंसेक्स’, ‘निफ्टी’ और ‘बुल रन’ जैसे शब्द बहुत आम हो चले हैं। 

जहां तक फिल्म की निर्देशक उर्वशी के शेयर बाजार में निवेश करने की शुरूआत करने की बात है तो जब बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 10,000 अंकों के आसपास था तब से उन्होंने शेयर बाजार में पैसा लगाना शुरू किया। उर्वशी कहती हैं, ‘जब मैं अपनी फिल्म के लिए शोध कर रही थीं तब मुझे इस बात का अंदाजा हुआ कि आजकल की महिलाएं कितनी तेजी से शेयर बाजार में निवेश कर रही हैं।

अपने निवेश के फैसले वे खुद ले रही हैं। इसके लिए वह पर्याप्त रिसर्च के लिए भी तैयार रहती हैं। वे ऐसे ही शेयर खरीदती और बेचती नहीं हैं।’  इस बाबत जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के प्रबंध निदेशक सी जे जॉर्ज कहते हैं, ‘फिलहाल हमारे तीन एक्सक्लुसिव आउटलेटों से हजारों महिलाएं कारोबार कर रही हैं।’ कुल मिलाकर ब्रोकरेज फर्म इस नये कारोबारी वर्ग को बढ़िया कारोबारी मॉडल मानकर चल रही हैं।

जॉर्ज कहते हैं कि हालांकि उनका निवेश का नजरिया संकीर्ण है। मखीजा को शेयर बाजार में निवेश करने की प्रेरणा उनके पति से मिली। वह आधारभूति वस्तुओं से जुड़े शेयरों में ही निवेश करने को वरीयता देती हैं। अधिकतर घरों में महिलाएं ही ‘वित्त मंत्रालय’ संभालती हैं। शेख कहते हैं, ‘मैं खुद शेयर बाजार का गणित आज तक नहीं समझ पाया हूं। यह कोई खेल नहीं है।’ वहीं प्रभाकर का कहना है, ‘मैं अपनी दीर्घ अवधि का निवेश अपनी बेटी क लिए छोड़ना चाहती हूं।

First Published : September 7, 2008 | 10:58 PM IST