पी. चिदम्बरम और नवीन जिंदल के बाद अब गुरुवार को कटनी इलाके में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी की सभा में चप्पल फेंकी गई।
हालांकि, दोनों नेताओं की तरह आडवाणी भी चप्पल से बचने का कामयाब रहे। गौर करने वाली बात यह है कि उन पर चप्पल (खड़ाऊं) उनकी ही पार्टी के एक नेता ने फेंकी थी।
पुलिस के अनुसार, कटनी जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष पावस अग्रवाल ने गुरुवार को उस समय यह हरकत की, जब आडवाणी यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे ही थे।
पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष अग्रवाल उस समय मंच के नीचे खड़ा था और उसने अचानक अपनी खड़ाऊं निकालकर मंच की ओर उछाल दी। कहा जाता है कि वह कथित गुटबाजी के चलते अध्यक्ष पद गंवाने को लेकर क्षुब्ध था। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल अग्रवाल को पकड़ लिया और उसे मंच के पीछे ले गए।
मौके पर मौजूद पत्रकारों के सामने अग्रवाल ने अपने कदम की सफाई दी और कहा कि, ‘ऐसा करने की शक्ति मुझे भगवान से मिली।’ अग्रवाल ने यह भी कहा कि, ‘आडवाणी को ‘लौह पुरुष’ की उपाधि देकर बहुत बड़ी गलती की जा रही है। उन्होंने जिन्ना की तारीफ करके इस बात को साबित कर दिया है।’
हालांकि, उसने यह भी कहा कि यह कोई पूर्वनियोजित साजिश नहीं थी। उसके मुताबिक वह आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की वजह से गुस्से में था, लेकिन यह बात वह किसी से कह नहीं सकता था। बकौल अग्रवाल, ‘भाजपा में सारे आडवाणी के लोग भरे हुए हैं।’ उसके मुताबिक उसे अपने गुस्से को व्यक्त करने पूरा अधिकार है।