कमोडिटी

केंद्र की नारियल किसानों को खुशखबरी! PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने लिया MSP बढ़ाने का फैसला

केंद्र सरकार ने आज यानी 27 दिसंबर को नारियल किसानों को बड़ी राहत दी है।

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- December 27, 2023 | 6:53 PM IST

केंद्र सरकार ने आज यानी 27 दिसंबर को नारियल किसानों को बड़ी राहत दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 2024 सीजन के लिए खोपरा (Copra) पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार ने पिछले सीजन के मुकाबले इस सीजन के लिए मिलिंग खोपरा (milling copra) पर 300 रुपये प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा (ball copra) पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।

मिलिंग खोपरा के लिए MSP 10,860 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 11,160 रुपये प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा के लिए MSP 11,750 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति क्विंटल तय की है।

क्या है खोपरा?

नारियल के सूखे भाग को खोपरा कहा जाता है। भारत के कई हिस्सों में यह कई नामों से जाना जाता है। कुछ लोग इसे गरी कहते हैं, तो कुछ लोग गोला।

मिलिंग खोपरा में नारियल के टूटे टुकड़े होते हैं, जिसका यूज मुख्य रूप से नारियल तेल के रूप में किया जाता है। केरल और तमिलनाडु में यह मुख्य रूप से पाया जाता है।

जबकि, बॉल खोपरा गरी का समूचा गोला होता है, जिसका यूज मुख्य रूप से मेवे (dry fruit) के रूप में खाने और धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है। बॉल खोपरा मुख्य रूप से कर्नाटक में मिलता है।

सरकार ने उत्पादन लागत से 1.5 गुना ज्यादा MSP का किया था वादा

सरकार ने कहा कि इससे मिलिंग खोपरा के लिए 51.84 प्रतिशत और बॉल खोपरा के लिए 63.26 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित होगा, जो उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत (all India weighted average cost of production) से 1.5 गुना से भी ज्यादा है। बता दें कि सरकार ने 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषणा की थी कि सभी अनिवार्य फसलों का MSP अखिल भारतीय भारित उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय किया जाएगा।

पिछले 10 साल का अगर आंकड़ा निकाला जाए तो सरकार ने मिलिंग खोपरा के लिए 2014-15 में 5,250 रुपये प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा के लिए 5,500 रुपये प्रति क्विंटल MSP मिलती थी, जिसमें अब 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली। सरकारी प्रेस रिपोर्ट के मुताबिक इन दस सालों में मिलिंग खोपरा पर 113 फीसदी और बॉल खोपरा पर 118 फीसदी MSP बढ़ी है।

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, चालू सीजन 2023 में सरकार ने 1,493 करोड़ रुपये की लागत से 1.33 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खोपरा की रिकॉर्ड खरीद की है, जिससे लगभग 90,000 किसानों को फायदा पहुंचा है। मौजूदा सीजन 2023 में खरीद पिछले सीजन यानी साल 2022 के मुकाबले 227 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कैबिनेट मीटिंग में और क्या लिए गए फैसले?

खोपरा के अलावा भी कैबिनेट ने आज कई बड़े फैसले लिए। कैबिनेट ने बिहार में दीघा से सोनपुर जिले के बीच गंगा नदी पर 6 लेन का केबल ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह पुल बनाने में 3,064 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे 42 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने कहा कि इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन मजबूत होगा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे रोजगार पैदा होंगे।

First Published : December 27, 2023 | 6:14 PM IST