कमोडिटी

चालू रबी सत्र में अब तक गेहूं की बोआई पांच प्रतिशत घटकर 86 लाख हेक्टेयर पर

अब तक उत्तर प्रदेश (3.87 लाख हेक्टेयर), पंजाब (2.28 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (2.14 लाख हेक्टेयर) और गुजरात (0.71 लाख हेक्टेयर) में गेहूं बोआई का रकबा कम है।

Published by
भाषा   
Last Updated- November 17, 2023 | 7:48 PM IST

चालू रबी मौसम (सर्दियों की बोआई) में अबतक गेहूं की बोआई का रकबा पांच प्रतिशत घटकर 86.02 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पिछले साल की समान अवधि में गेहूं का रकबा 91.02 लाख हेक्टेयर था।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 91.02 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस बार लगभग 86.02 लाख हेक्टेयर रकबे में बोआई हुई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 5.01 लाख हेक्टेयर कम रकबे में बोआई की गई है।’’

अब तक उत्तर प्रदेश (3.87 लाख हेक्टेयर), पंजाब (2.28 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (2.14 लाख हेक्टेयर) और गुजरात (0.71 लाख हेक्टेयर) में गेहूं बोआई का रकबा कम है। गेहूं का अधिक बोआई रकबा मुख्य रूप से मध्य प्रदेश (3.44 लाख हेक्टेयर) और राजस्थान (0.68 लाख हेक्टेयर) में बताया गया है। सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके अलावा वह घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और गेहूं और आटे (गेहूं का आटा) की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं को खुले बाजार में उतार रही है।

आंकड़ों के अनुसार, चालू रबी सत्र में 17 नवंबर तक धान का रकबा 8.05 लाख हेक्टेयर की तुलना में 7.65 लाख हेक्टेयर यानी कम है, जबकि दालों की बोआई का रकबा 69.37 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस बार 65.16 लाख हेक्टेयर है।

हालांकि, मोटे अनाज का रकबा 15.85 लाख हेक्टेयर के मुकाबले अधिक यानी 18.03 लाख हेक्टेयर है। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन खेती का रकबा 73.17 लाख हेक्टेयर से घटकर 71.74 लाख हेक्टेयर रह गया है।

सरसों/रैपसीड का रकबा 69.31 लाख हेक्टेयर की तुलना में घटकर 68.55 लाख हेक्टेयर रह गया है। 17 नवंबर तक सभी रबी फसलों के तहत खेती का कुल रकबा तीन प्रतिशत घटकर 248.59 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 257.46 लाख हेक्टेयर था।

First Published : November 17, 2023 | 7:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)