प्रमुख शहरी गैस वितरक (CGD) कंपनी अदाणी टोटल गैस लिमिटेड वृद्धि के लिए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) पर बड़ा दांव लगा रही है। सरकार की गैस नीति में एलएनजी को तेजी से बढ़ावा देने और ग्रीनहाउस गैस (GHG) के उत्सर्जन को नियंत्रित करने की पहल के बीच कंपनी ने यह रणनीति अपनाई है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) का लक्ष्य लंबी दूरी के वाणिज्यिक वाहनों के लिए डीजल की जगह प्राथमिक ईंधन के रूप में एलएनजी को बढ़ावा देना है। इसके लिए वाहन क्षेत्र से संबंद्ध कंपनियों, मूल उपकरण विनिर्माताओं (OEM), परिचालकों और रेट्रोफिटमेंट कंपनियों जैसे विभिन्न हितधारकों के साथ रणनीतिक गठजोड़ किए जा रहे हैं।
ATGL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुरेश पी मंगलानी ने कहा, ‘‘एलएनजी की सबसे बड़ी चुनौती वितरण है। इस समय हमारे पास केवल मुट्ठी भर LNG वितरण स्टेशन हैं और यही असली चुनौती है। परिचालक वितरण नेटवर्क तैयार होने तक इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (OMC) LNG आउटलेट की संख्या में विस्तार नहीं कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी इस हरित ईंधन को तेजी से बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है।
ATGL ने पिछले दो माह में वैकल्पिक ईंधन प्रणाली विनिर्माता शिगन, क्रायोजेनिक लिक्विड स्टोरेज, आईनॉक्स सीवीए और अदाणी सीमेंट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने कहा कि वह आने वाले महीनों में इस तरह की और साझेदारियां करेगी।