रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और इसकी इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने विदेशी मुद्रा में दो अरब डॉलर का कर्ज जुटाया है। सूत्रों ने कहा कि ये कर्ज सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर विदेशी मुद्रा सुविधा के तहत जुटाया गया है।
आरआईएल ने इससे पहले देश के सबसे बड़े सिंडिकेट ऋण के तहत तीन अरब डॉलर जुटाने के लिए समझौता किया था। यह वित्तपोषण 31 मार्च को पूरा हुआ था और इसके बाद दो अरब डॉलर जुटाए गए हैं।
इस सौदे से जुड़े बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि यह पिछले पांच वर्षों में किसी भारतीय कॉरपोरेट द्वारा जुटाया गया सबसे बड़ा सिंडिकेट सावधि ऋण है। इस सिंडिकेट में 55 ऋणदाता शामिल हैं।
इनमें लगभग दो दर्जन ताइवानी बैंकों के साथ ही बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी, एमयूएफजी, सिटी, एमएमबीसी, मिजुहो और क्रेडिट एग्रिकोल जैसे वैश्विक दिग्गजों शामिल हैं। आरआईएल ने इसके बाद जो दो अरब डॉलर का ऋण जुटाया, उसकी शर्तें पहले जुटाए गए कर्ज के समान ही है।