भारत सरकार ने चीन की दूरसंचार कंपनी हुआवेई टेलीकम्युनिकेशन कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को लताड़ लगाई है। कंपनी पर देश के श्रम और रोजगार निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं।
कंपनी को यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार नोटिस भेजे जाने के दो सप्ताह के भीतर कंपनी के विभिन्न व्यवसायिक परिसरों का निरीक्षण करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि श्रम और रोजगार से जुड़े दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है या नहीं।
पिछले सप्ताह कंपनी को दिए गए एक पत्र में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि कंपनी ने बिना अनुमति के बड़ी संख्या में भारत में चीनी श्रमिकों को नियुक्त किया है। इस पत्र में यह भी कहा गया है कि ये चीनी श्रमिक भारत के आवासीय अपार्टमेंट में बिना आवासीय परमिट के काफी अरसे से रहते आ रहे हैं। ये इन आवासीय परिसरों में बिना वीजा कानून और निर्देशों के रह रहे हैं।
इस पत्र में यह चेतावनी दी गई है कि अगर कंपनी इस नोटिस को नजरअंदाज करती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो कंपनी के निदेशक और सीईओ केखिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसके तहत उन्हें वित्तीय जुर्माना, जेल और यहां तक कि उनके कारोबार को बंद भी किया जा सकता है।
हुआवेई के भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि आज हमें पत्र मिला है। मंत्रालय द्वारा उठाए गए मामलों से हमलोग चकित हैं। इस पत्र में मंत्रालय ने जिन बातों की तरफ इशारा किया है, उसको दूर करने की प्रक्रियाओं पर हम काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि हुआवेई टेलीकम्युनिकेशन के अधीन भारत में 1100 कर्मचारी कार्यरत है, जिनमें 99 प्रतिशत से अधिक इंजीनियर और मार्केटिंग प्रोफेशनल तो भारतीय हैं। इसके अलावा 200 स्टाफ चीनी मुख्यालय के भी कार्यरत हैं।