डालमिया सीमेंट (भारत) और सागर सीमेंट्स कर्ज चुकाने में विफल रहने के बाद दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही आंध्र सीमेंट्स के अधिग्रहण के लिए प्रमुख दावेदारों के रूप में उभरी हैं।
बैंकिंग क्षेत्र के सूत्रों ने कहा कि दोनों कंपनियों ने अपने प्रस्ताव समाधान पेशेवर को सौंप दिए हैं और लेनदारों की समिति दोनों ही प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही है। स्टॉक एक्सचेंजों को सौंपे गए आंकड़ों के मुताबिक आंध्र सीमेंट्स पर कर्जदाताओं का 970 करोड़ रुपये का कर्ज है।
वर्ष 2012 में इस कंपनी का जेपी समूह ने अधिग्रहण किया था, लेकिन वर्ष 2016 से संपूर्ण जेपी समूह द्वारा ऋण चूक करने के बाद वह इसका कर्ज चुकाने में विफल रहा। अलग सूचीबद्ध इकाई आंध्र सीमेंट ने पिछले दो साल से अधिक लागत वाले परिचालन और कार्यशील पूंजी की कमी का हवाला देते हुए बिक्री दर्ज नहीं की है।
इस घटनाक्रम से जुड़े एक बैंकर ने कहा कि दो प्रस्ताव सामने हैं, लेकिन हमें इस बात में कोई हैरानी नहीं होगी कि अगर अदाणी द्वारा अंबुजा और एसीसी के अधिग्रहण के बाद कोई नया आवेदक ऋणदाताओं से संपर्क करता है।
डालमिया भारत ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सागर सीमेंट्स को भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं आया। डालमिया सीमेंट 10 राज्यों में 14 संयंत्रों में 3.59 करोड़ टन की विनिर्माण क्षमता का परिचालन करती है। दूसरी तरफ सागर सीमेंट्स की उत्पादन क्षमता 82. लाख टन प्रतिवर्ष है।